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E20 petrol insurance claim: E20 पेट्रोल से गाड़ी खराब हुई तो क्या नहीं मिलेगा इंश्योरेंस?

Jun 17, 2026 4:53 PM

नई दिल्ली। देश में प्रदूषण घटाने और कच्चे तेल के आयात को कम करने के उद्देश्य से सरकार तेजी से एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20 फ्यूल) को बढ़ावा दे रही है। लेकिन, इस तकनीकी बदलाव के बीच पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी। इंटरनेट पर धड़ल्ले से यह अफवाह उड़ाई गई कि यदि आपकी गाड़ी में E20 पेट्रोल डालने की वजह से कोई खराबी आती है, तो बीमा (इंश्योरेंस) कंपनियां क्लेम देने से साफ मना कर देंगी। हालांकि, अब इस मामले में सरकार और बीमा क्षेत्र से जुड़े दिग्गजों ने सामने आकर वाहन मालिकों की इस बड़ी चिंता को दूर कर दिया है।

पीआईबी (PIB) ने खोली अफवाह की पोल

प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के फैक्ट चेक विभाग ने सोशल मीडिया पर तैर रहे इन सभी दावों की पड़ताल करने के बाद इसे पूरी तरह 'फेक न्यूज़' (फर्जी खबर) करार दिया है। पीआईबी ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट शब्दों में कहा कि E20 फ्यूल का उपयोग करने से किसी भी वाहन की मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी अमान्य (कैंसल) नहीं होती है। इसका गाड़ी मालिकों के वैध इंश्योरेंस क्लेम पर कोई सीधा या नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी या सोशल मीडिया के मंचों पर तैरने वाली ऐसी किसी भी संवेदनशील सूचना पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।

आईसीआईसीआई लोम्बार्ड (ICICI Lombard) के ब्लॉग से शुरू हुआ था बवंडर

इस पूरे विवाद की जड़ें दरअसल एक नामी इंश्योरेंस कंपनी 'ICICI Lombard General Insurance' के एक पुराने तकनीकी ब्लॉग से जुड़ी हैं। उस ब्लॉग में सामान्य तौर पर एक टिप्पणी की गई थी कि यदि कोई वाहन ऐसे ईंधन का इस्तेमाल करता है जिसके लिए उसका इंजन डिजाइन ही नहीं किया गया है, तो तकनीकी तौर पर इसे लापरवाही माना जा सकता है और क्लेम की गहन समीक्षा की जा सकती है। बस, इसी लाइन को कुछ इंटरनेट यूजर्स ने गलत संदर्भ में उठाया और इसे सीधे E20 फ्यूल के नुकसान और क्लेम रिजेक्शन से जोड़कर वायरल कर दिया। इससे उन लोगों के मन में डर बैठ गया जिनके पास थोड़े पुराने मॉडल की गाड़ियां हैं।

कंपनी ने दी सफाई, कहा— स्वतः खारिज नहीं हो सकता क्लेम

बात जब ज्यादा आगे बढ़ गई, तो खुद आईसीआईसीआई लोम्बार्ड को इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा। कंपनी ने दो टूक कहा कि सिर्फ E20 फ्यूल डलवाने के आधार पर किसी भी उपभोक्ता की पॉलिसी न तो खत्म होती है और न ही क्लेम को स्वतः (ऑटोमैटिक) रिजेक्ट किया जा सकता है। प्रत्येक मामले की अपनी तकनीकी जांच होती है, इसलिए किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।

पुराने वाहनों के मालिक क्या करें?

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा समय में बाजार में आ रहे लगभग सभी नए वाहन E20 ईंधन के पूरी तरह अनुकूल (कंप्लायंट) बनाए जा रहे हैं। रही बात काफी पुराने वाहनों की, तो कंपनियों ने धीरे-धीरे उनके पार्ट्स को भी अपग्रेड किया है। वाहन मालिकों के लिए समझदारी इसी में है कि वे अपनी गाड़ी के मैनुअल या संबंधित निर्माता कंपनी (मैन्युफैक्चरर) की गाइडलाइंस को एक बार जरूर देख लें। फिलहाल, सरकार की इस मुस्तैदी ने करोड़ों कार और बाइक मालिकों को एक बड़ी मानसिक राहत दे दी है।

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