PF क्लेम बार-बार रिजेक्ट? पहले पूरा करें ये जरूरी KYC अपडेट
Apr 28, 2026 1:05 PM
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे NCR इलाकों में बड़ी संख्या में कर्मचारी PF निकालने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं, लेकिन कई लोगों के क्लेम रिजेक्ट हो रहे हैं। इसकी मुख्य वजह KYC का अपडेट न होना या गलत जानकारी होना है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अनुसार, यूनिफाइड पोर्टल पर आधार, पैन और बैंक खाते की जानकारी सही और वेरीफाइड होना जरूरी है।
अगर आपके आधार में नाम और PF रिकॉर्ड में नाम अलग है या बैंक अकाउंट नंबर गलत दर्ज है, तो सिस्टम क्लेम को सीधे खारिज कर देता है। ऐसे में आवेदन करने से पहले प्रोफाइल की जांच करना जरूरी हो जाता है।
घर बैठे ऐसे करें KYC अपडेट
EPFO ने KYC अपडेट की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी है। इसके लिए आपको EPFO यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर जाकर UAN और पासवर्ड से लॉग-इन करना होता है।
लॉग-इन के बाद ‘Manage’ टैब में जाकर ‘KYC’ विकल्प चुनें और आधार, पैन या बैंक डिटेल में जो भी अपडेट करना है, उसे भरकर सेव करें। इसके बाद आपकी रिक्वेस्ट ‘Pending for Approval’ में चली जाती है।
बैंक डिटेल बैंक द्वारा और आधार-पैन की जानकारी Employer द्वारा डिजिटल सिग्नेचर से वेरीफाई की जाती है। मंजूरी मिलते ही KYC स्टेटस ‘Approved’ हो जाता है और फिर PF निकासी या ट्रांसफर में कोई अड़चन नहीं रहती।
इन गलतियों से क्लेम हो रहा रिजेक्ट
कई कर्मचारी बैंक अकाउंट लिंक करते समय पुराना IFSC कोड डाल देते हैं, खासकर उन बैंकों में जिनका मर्जर हो चुका है। इससे वेरिफिकेशन फेल हो जाता है और क्लेम अटक जाता है।
इसके अलावा, आधार से मोबाइल नंबर लिंक न होना भी बड़ी समस्या बन रहा है, क्योंकि OTP वेरिफिकेशन जरूरी होता है। अगर जन्मतिथि में 3 साल से ज्यादा अंतर है, तो जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म भी देना पड़ सकता है।
कंपनी की मंजूरी सबसे जरूरी कड़ी
कई मामलों में कर्मचारी KYC सबमिट तो कर देते हैं, लेकिन कंपनी उसे अप्रूव नहीं करती। जब तक Employer डिजिटल सिग्नेचर से मंजूरी नहीं देता, तब तक रिक्वेस्ट EPFO तक नहीं पहुंचती।
ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को अपनी कंपनी के HR विभाग से संपर्क करना चाहिए। मंजूरी मिलते ही डेटा अपडेट हो जाता है और PF निकासी या ट्रांसफर की प्रक्रिया आसान हो जाती है।
आम कर्मचारियों पर सीधा असर
सही KYC होने से PF निकालने में लगने वाला समय काफी कम हो जाता है। खासकर प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह जरूरी है, क्योंकि नौकरी बदलने या इमरजेंसी में PF पैसा तुरंत काम आता है।
अगर KYC अपडेट नहीं है, तो क्लेम बार-बार रिजेक्ट होता है और पैसे मिलने में देरी होती है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है।