Haryana News: कैथल में छात्रों ने किया शिक्षक पर हमला, क्लास में शारे मचाने से टीचर ने रोका तो बच्चों ने रास्ते में घेर डंडों से पीटा
Apr 28, 2026 11:30 AM
कैथल: हरियाणा के कैथल जिले के गांव बालू में 27 अप्रैल को एक निजी स्कूल के शिक्षक जगबीर सिंह पर 12वीं कक्षा के तीन छात्रों ने डंडों से हमला कर दिया। शिक्षक ने बताया कि वह उसी दिन स्कूल में दाखिले के लिए डेमो क्लास ले रहे थे, जहां 5 से 7 छात्र मौजूद थे। कक्षा के दौरान दो छात्र लगातार शोर कर रहे थे, जिन्हें शिक्षक ने शांत रहने और ठीक से बैठने के लिए कहा। इस पर छात्रों ने न सिर्फ बात मानने से इनकार किया, बल्कि छुट्टी के बाद बाहर देख लेने की धमकी भी दी।
कक्षा में विवाद के बाद बढ़ा मामला
शिकायत के अनुसार, जब शिक्षक ने छात्रों को अनुशासन में रहने की सलाह दी, तो दोनों छात्रों ने आक्रामक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि वे ऐसे ही शोर करेंगे और जो करना है कर लें। शिक्षक ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और अपनी कक्षा जारी रखी। हालांकि, इस दौरान छात्रों ने मन में बदला लेने की योजना बना ली थी, जो बाद में हिंसक रूप में सामने आई।
छुट्टी के बाद रास्ते में घेरकर हमला
क्लास खत्म होने के बाद जब स्कूल की छुट्टी हुई, तो शिक्षक अपनी बाइक से गांव बालू लौट रहे थे। कलायत से चौशाला रोड पर स्थित शराब ठेके के पास पहले से घात लगाए बैठे दो छात्रों ने एक अन्य लड़के के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया। इसके बाद तीनों ने मिलकर शिक्षक पर डंडों से हमला कर दिया। हमले में शिक्षक के सिर, कमर और बाजू पर गंभीर चोटें आईं और वह जमीन पर गिर पड़े।
राहगीरों ने बचाई जान
हमले के दौरान आसपास से गुजर रहे लोगों ने जब घटना देखी तो तुरंत हस्तक्षेप किया। राहगीरों ने किसी तरह शिक्षक को हमलावरों से बचाया। भीड़ जुटने के बाद आरोपी मौके से भाग निकले, लेकिन जाते-जाते शिक्षक को जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना से इलाके में डर और आक्रोश का माहौल बन गया है।
पुलिस ने दर्ज किया केस
घटना के बाद शिक्षक जगबीर सिंह ने कलायत थाना में लिखित शिकायत दी। जांच अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने तीनों किशोर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की पहचान व उनकी भूमिका के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल सुरक्षा और अनुशासन पर सवाल
इस घटना ने स्कूलों में अनुशासन और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तरह से मामूली विवाद हिंसा में बदल गया, उसने अभिभावकों और प्रशासन को भी चिंतित किया है। स्थानीय स्तर पर अब इस बात की चर्चा है कि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़े नियमों की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।