‘म्हारी माट्टी, म्हारे आखर’ पुस्तक का हुआ विमोचन

Narnaul News: मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट, नारनौल तथा हरियाणा कला परिषद्, कुरुक्षेत्र के संयुक्त तत्त्वावधान में स्थानीय हूडा सैक्टर स्थित अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र ‘मनुमुक्त भवन’ में ‘हरियाणवी साहित्य-कला संगम’ का आयोजन आज किया गया। उद्योग विस्तार अधिकारी डॉ. सुनील भारद्वाज द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना-गीत के उपरांत चीफ ट्रस्टी डाॅ. रामनिवास ‘मानव’ के प्रेरक सानिध्य और डॉ. पंकज गौड़ के कुशल संचालन में संपन्न हुए इस समारोह की अध्यक्षता सिंघानिया विश्वविद्यालय, पसेरी बड़ी (राजस्थान) के कुलपति तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी डॉ. मनोजकुमार गर्ग ने की तथा हरियाणा कला परिषद् के उपाध्यक्ष महेश जोशी मुख्य अतिथि और सोनीपत के वरिष्ठ साहित्यकार तथा शिक्षाविद् पद्मश्री डॉ. संतराम देशवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सभी विशिष्ट अतिथियों ने दिवंगत मनुमुक्त ‘मानव’ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ट्रस्ट द्वारा उनकी स्मृति में किये जा रहे महत्त्वपूर्ण साहित्यिक,सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यों की सराहना की। उक्त जानकारी देते हुए ट्रस्टी डाॅ. कांता भारती ने बताया कि भारतीय पुलिस सेवा के दिवंगत अधिकारी डॉ. मनुमुक्त ‘मानव’ की 13वीं पुण्यतिथि पर आयोजित इस समारोह में देश के दो दर्जन से अधिक साहित्यकारों ने सहभागिता की। इस अवसर पर भिवानी के साहित्यकार और स्तंभकार डॉ. सत्यवान सौरभ और डॉ. प्रियंका सौरभ द्वारा संपादित तथा डॉ. मनुमुक्त ‘मानव’ को समर्पित ‘म्हारी माट्टी, म्हारे आखर’ पुस्तक का विमोचन मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया। हरियाणवी बोली के इस प्रथम लघुकथा-संकलन में तैतीस लघुकथाकारों की तीन-तीन लघुकथाएँ तथा कुल निन्यानवे लघुकथाएँ संकलित हैं, जिनमें ऑकलैंड (न्यूजीलैंड) के एक, भारत से हरियाणा के सत्ताईस, राजस्थान के तीन तथा चंडीगढ़ और पंजाब के एक-एक लघुकथाकार शामिल हैं। विमोचित पुस्तक पर सुशील कुमार ‘नवीन’ (तोशाम) और सत्यवीर नाहड़िया (रेवाड़ी) द्वारा समीक्षाएँ प्रस्तुत की गईं।
समारोह के द्वितीय चरण में संजय पाठक (जैतपुर), प्रवेंद्र पंडित (अलवर), प्रो. ज्योति राज (सोनीपत), राजपाल यादव ‘राज’ (गुरुग्राम), डॉ. मुकुट अग्रवाल और दलबीरसिंह ‘फूल’ (रेवाड़ी) तथा डॉ. जितेंद्र भारद्वाज और ओशिन शुक्ला ‘साक्षी’ (नारनौल) आदि कवियों ने काव्य-पाठ किया, जिसे भरपूर सराहना मिली। कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट द्वारा अध्यक्ष, मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि सहित सभी संभागी साहित्यकारों को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न और सम्मान-पत्र भेंट कर ‘डॉ. मनुमुक्त ‘मानव’ स्मृति-सम्मान से नवाजा गया।
