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आप सांसदों के जाने के बाद विधायक-ऑब्जर्वरों की जालंधर में मीटिंग, सिसोदिया ने गेम्स के जरिए एकजुटता का दिया संदेश

Apr 29, 2026 2:13 PM

चंडीगढ़: पंजाब में आम आदमी पार्टी के छह राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच जालंधर में पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है, जिसमें विधायकों और करीब 1000 ब्लॉक ऑब्जर्वरों को बुलाया गया है। बैठक दोपहर 12 बजे शाहपुर स्थित सिटी कैंपस में शुरू होनी है, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे। हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर कई विधायक असमंजस में नजर आए।

एजेंडे को लेकर विधायकों में भ्रम

बैठक में शामिल होने पहुंचे कई विधायकों ने अलग-अलग कारण बताए। कुछ ने इसे नियमित संगठनात्मक बैठक बताया, तो कुछ ने इसे विशेष सत्र या नगर निगम चुनाव की तैयारी से जुड़ा बताया। इस भ्रम के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है, हालांकि पार्टी इसे सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है।

सिसोदिया ने माहौल हल्का करने की कोशिश की

बैठक से पहले प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने विधायकों और ऑब्जर्वरों के साथ गेम्स आयोजित कराए। इसमें रस्साकशी जैसे खेल शामिल रहे, जिसमें विधायक भी भाग लेते नजर आए। इस पहल का उद्देश्य आपसी तालमेल बढ़ाना और पार्टी में एकजुटता का संदेश देना बताया जा रहा है।

बैठक स्थल में आखिरी समय पर बदलाव

पहले इस बैठक को जालंधर में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित किया जाना था, लेकिन बाद में स्थान बदलकर शाहपुर सिटी कैंपस कर दिया गया। पार्टी नेताओं के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। बैठक में नरेश कटारिया, जीवनजोत कौर और इंद्रजीत निज्जर समेत करीब 25 विधायक पहले ही पहुंच चुके हैं।

चुनावी तैयारियों का हिस्सा बताई गई बैठक

नकोदर से विधायक इंद्रजीत कौर मान ने कहा कि यह बैठक पिछले चार महीनों से चल रही प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पंजाब में चुनावी साल होने के कारण ऑब्जर्वरों ने हर इलाके में जाकर रिपोर्ट तैयार की है, जिसे बैठक में पेश किया जाएगा। उनके अनुसार, सभी विधायक और मंत्री इस बैठक में भाग ले रहे हैं।

सांसदों के जाने पर पार्टी की प्रतिक्रिया

पार्टी से जुड़े नेताओं ने राज्यसभा सांसदों के जाने को लेकर भी प्रतिक्रिया दी है। सोनिया मान ने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने अपने सिद्धांतों से समझौता किया है और वे दूसरी राजनीतिक ताकतों के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने यह भी कहा कि विधायकों की टूट की कोई स्थिति नहीं है और विरोधी केवल आरोप लगा रहे हैं।

सिसोदिया ने पहले किया था खंडन

इससे पहले मनीष सिसोदिया ने 28 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर स्पष्ट किया था कि यह बैठक केवल ऑब्जर्वरों के साथ है और इसे विधायकों की आपात बैठक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि पार्टी के अंदर सब कुछ सामान्य है और संगठनात्मक गतिविधियां नियमित रूप से चल रही हैं।

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