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जगाधरी में एनसीसी कैडेट्स ने सीखी वेपन ट्रेनिंग, फायरिंग रेंज पर साधा अचूक निशाना

Jun 17, 2026 1:24 PM

जगाधरी ( संजीव चौहान ) 14 हरियाणा बटालियन एनसीसी द्वारा सरस्वती विद्या मंदिर, जगाधरी में आयोजित अंबाला ग्रुप थल सैनिक शिविर सह संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का छठा दिन एनसीसी कैडेटों के लिए ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण गतिविधियों से भरपूर रहा। यह शिविर अंबाला ग्रुप एनसीसी के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर रोहित सहगल के निर्देशानुसार, कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज पारीक के नेतृत्व तथा लेफ्टिनेंट कर्नल कुमुद मैनी के प्रशासनिक मार्गदर्शन में सूबेदार मेजर जसवंत सिंह एवं उनकी टीम के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

कैडेटों के दिन की शुरुआत बेहद तकनीकी और जीवन रक्षक विषय के साथ हुई। सब फायर ऑफिसर परवीन कुमार ने मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत करते हुए अग्निशमन (फायर फाइटिंग) पर एक विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने केवल किताबी बातें न बताते हुए कैडेटों को आग लगने के व्यावहारिक कारणों, उससे बचाव के तौर-तरीकों और विभिन्न प्रकार के अग्निशामक सिलेंडरों को ऑपरेट करने की सही तकनीक सिखाई। उनका पूरा जोर इस बात पर था कि आग जैसी अचानक आई आपातकालीन स्थिति में बिना घबराए, सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के साथ कैसे लोगों की जान बचाई जा सकती है।

वेपन ट्रेनिंग में जाना हथियारों का भूगोल, मैदान में गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट

अग्निशमन के सत्र के बाद मैदान पर कैडेट्स ने खाकी वर्दी की आन-बान और शान यानी वेपन ट्रेनिंग का रुख किया। हवलदार संदीप और हवलदार जसविंदर की अनुभवी जोड़ी ने कैडेटों को सेना में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक हथियारों की बारीकियों से रूबरू कराया। इस दौरान हथियारों के अलग-अलग हिस्सों को खोलने, उन्हें जोड़ने, उनके रख-रखाव और सबसे जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर कड़ा अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने कैडेटों के दिमाग में यह बात साफ तौर पर बिठाई कि एक सैनिक के हाथ में हथियार सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि अनुशासन और जिम्मेदारी का सबसे बड़ा प्रतीक होता है।

इसके ठीक बाद शिविर का सबसे रोमांचक हिस्सा शुरू हुआ, जिसका कैडेट्स को बेसब्री से इंतजार था। नायब सूबेदार गौतम और कंपनी हवलदार मेजर (CHM) अमन की सीधी देखरेख में लाइव फायरिंग अभ्यास सत्र का आयोजन किया गया। रेंज पर उतरे कैडेटों को निशानेबाजी की बुनियादी तकनीकों, टारगेट लॉक करने, ट्रिगर कंट्रोल और फायरिंग के दौरान शरीर के पोस्चर (अवस्थाओं) को सही रखने के गुर सिखाए गए। इस लाइव ड्रिल से न सिर्फ कैडेटों का निशाना अचूक हुआ, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी सातवें आसमान पर दिखाई दिया।

खेलकूद से सीखी टीम बॉन्डिंग, व्यक्तित्व निखार पर जोर

दिनभर चले कड़े सैन्य और तकनीकी प्रशिक्षण के बाद शाम का वक्त मैदान पर खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों के नाम रहा। कैडेटों की शारीरिक क्षमता को परखने और उनके भीतर 'टीम भावना' को कूट-कूट कर भरने के लिए कई खेल आयोजित किए गए। खेल के मैदान पर कैडेटों की आपसी बॉन्डिंग और जीतने की ललक ने पूरे कैंप के माहौल को नई ऊर्जा और सकारात्मकता से भर दिया।

देखा जाए तो यह संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर केवल परेड या मार्च पास्ट तक सीमित नहीं है। यह युवाओं को एक समग्र सैन्य माहौल देकर उनके भीतर नेतृत्व क्षमता (लीडरशिप क्वालिटी) और व्यक्तित्व निखारने का बेहतरीन मंच साबित हो रहा है। यहां मिलने वाली कड़ी ट्रेनिंग इन युवाओं को भविष्य में देश का एक जिम्मेदार, अनुशासित और संकट के समय समाज की मदद करने वाला नागरिक बनाने की मजबूत बुनियाद रख रही है।

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