यमुनानगर के साबापुर में पांच बच्चों के पिता की संदिग्ध मौत, किराये के मकान के बाहर मिला यूपी के मजदूर का शव
May 17, 2026 5:18 PM
यमुनानगर। यमुनानगर के औद्योगिक क्षेत्रों में रोजी-रोटी कमाने आए प्रवासियों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। ताजा मामला बुढ़िया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव साबापुर से सामने आया है, जहाँ रविवार की सुबह एक मकान के बाहर प्रवासी मजदूर का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 38 वर्षीय राम सूरत के रूप में हुई है, जो अपने पीछे पांच मासूम बच्चों और पत्नी का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गया है। पुलिस इसे पहली नजर में छत से गिरने के कारण हुआ हादसा मान रही है, लेकिन मामले के अन्य पहलुओं को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया जा रहा है।
20 साल से यमुनानगर की फैक्ट्रियों में बहा रहा था पसीना, अकेले रहता था राम सूरत
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जिला समस्तीपुर (गुरुदत्तपुर गांव) का रहने वाला राम सूरत पिछले करीब दो दशकों से यमुनानगर में रह रहा था। वह यहाँ की एक स्थानीय फैक्ट्री में मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। राम सूरत की तीन बेटियां और दो बेटे हैं, जिनकी पढ़ाई और परवरिश की खातिर वह खुद उत्तर प्रदेश से दूर साबापुर गांव में एक किराये का कमरा लेकर अकेले रह रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि शनिवार की रात उसके जीवन की आखिरी रात साबित होगी।
सुबह पड़ोसियों की नजर पड़ी तो खुला राज, खून से लथपथ पड़ा था शव
मामले की जांच कर रहे बुढ़िया थाने के जांच अधिकारी (IO) जगदीप मोर ने बताया कि रविवार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम को साबापुर से एक ग्रामीण ने सूचना दी थी। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि रोज की तरह जब वे सुबह अपने घरों से बाहर निकले, तो उन्होंने राम सूरत के किराये के कमरे के ठीक सामने जमीन पर उसे अचेत अवस्था में पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि उसकी सांसें थम चुकी थीं और शरीर पर चोट के निशान थे। ग्रामीणों की सूचना पर बुढ़िया थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद शव को अपने कब्जे में लिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी मौत के असली राज, परिजनों के आने का इंतजार
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और आसपास के हालातों को देखकर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि गर्मी के कारण राम सूरत रात को छत पर सोया होगा और नींद के झोंके में या संतुलन बिगड़ने से वह सीधे नीचे कंक्रीट के फर्श पर आ गिरा, जिससे सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हालांकि, जांच अधिकारी जगदीप मोर का कहना है कि यह केवल एक आशंका है। मौत के वास्तविक और पुख्ता कारणों का खुलासा तब तक नहीं हो सकता, जब तक कि डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं सौंप देता। पुलिस ने शव को जगाधरी के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। उत्तर प्रदेश में रह रहे मृतक के परिजनों को इस हादसे की जानकारी दे दी गई है। उनके यमुनानगर पहुंचने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर शव उन्हें सौंप दिया जाएगा।