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जींद में एनकाउंटर: डिटेक्टिव स्टाफ पर बदमाशों ने की अंधाधुंध फायरिंग, बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई सब-इंस्पेक्टर की जान

May 17, 2026 5:11 PM

जींद। जींद के अपराध जगत में अपनी धाक जमाने की कोशिश कर रहे तीन शातिर बदमाशों के मंसूबों पर डिटेक्टिव स्टाफ ने पानी फेर दिया है। पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि किलोई निवासी भगत, ढिगाना निवासी अक्षय और करेला का रहने वाला अंकित भारी तादाद में हथियारों के साथ किसी सुनसान ठिकाने पर बैठकर शराब पी रहे हैं। इन तीनों का इरादा जिले में किसी बहुत बड़ी वारदात को अंजाम देने का था। सूचना मिलते ही पुलिसिया तंत्र सक्रिय हुआ और डिटेक्टिव स्टाफ की एक विशेष टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी।

जब बुलेटप्रूफ जैकेट बनी ढाल, दनादन चलीं 15 से ज्यादा गोलियां

पुलिस टीम जैसे ही बदमाशों के बिल्कुल नजदीक पहुंची, अपराधियों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय अपने पास मौजूद आधुनिक हथियारों से पुलिस पार्टी पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले में बदमाशों की तरफ से दागी गई दो गोलियां सीधा टीम का नेतृत्व कर रहे सब-इंस्पेक्टर समरजीत की छाती पर लगीं। गनीमत रही कि सब-इंस्पेक्टर ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे उनकी जान बच गई। एक अन्य गोली पुलिस की सरकारी गाड़ी की बॉडी को चीरती हुई अंदर जा धंसी। इस अप्रत्याशित हमले के बाद पुलिस ने भी पोजीशन ली और जवाबी मोर्चा खोल दिया।

पैर में लगी गोली, तड़पते हुए जमीन पर गिरे शूटर

पुलिस की तरफ से की गई नपी-तुली जवाबी फायरिंग में तीनों बदमाशों के पैरों को निशाना बनाया गया। गोलियां लगते ही तीनों शूटर दर्द से तड़पते हुए जमीन पर गिर पड़े और उनके हथियार हाथ से छूट गए। पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए तीनों को अपने कब्जे में ले लिया और इलाज के लिए तुरंत नागरिक अस्पताल पहुंचाया। पकड़े गए बदमाशों का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगालने पर पुलिस के भी होश उड़ गए; आरोपी अक्षय पर हत्या और लूट जैसे 14 संगीन मामले, भगत पर 8 और अंकित पर 3 मुकदमे विभिन्न जिलों के थानों में दर्ज हैं।

जीफाना पिस्तौल ने खींचे अधिकारियों के कान, जांच का दायरा बढ़ा

इस पूरी मुठभेड़ में सबसे चौंकाने वाला खुलासा बदमाशों के पास से बरामद हुए हथियारों से हुआ है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक देसी कट्टे के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात 'जिगाना' (.32 बोर) विदेशी पिस्तौल बरामद की है। यह वही प्रतिबंधित तुर्की पिस्तौल है जिसका इस्तेमाल अक्सर बड़े गैंगस्टर्स हाई-प्रोफाइल मर्डर में करते हैं। जींद पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि इन छोटे बदमाशों के पास इतनी महंगी और आधुनिक विदेशी पिस्तौल कहां से आई, इसकी जांच के लिए एक अलग टीम लगा दी गई है। अंदेशा है कि ये तीनों हरियाणा और पंजाब के किसी बड़े अंतरराज्यीय गैंग के लिए कांट्रैक्ट किलिंग (सुपारी लेकर हत्या) करने वाले थे।

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