कुरुक्षेत्र में हिट एंड रन: ओवरटेक करने के चक्कर में कार ने साइकिल सवार मजदूर को उड़ाया, 30 वर्षीय अजय की मौत
May 17, 2026 5:35 PM
कुरुक्षेत्र। सड़कों पर अपनी गाड़ी को आगे निकालने की अंधी होड़ और रफ़्तार का जुनून किस कदर मासूम जिंदगियों को लील रहा है, इसकी एक बेहद दर्दनाक बानगी कुरुक्षेत्र के ढांड रोड पर देखने को मिली। यहाँ कमोदा गांव के बस अड्डे के समीप एक बेकाबू कार चालक ने दूसरी गाड़ी को ओवरटेक करने के चक्कर में आगे जा रहे एक साइकिल सवार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में बिहार के रहने वाले 30 वर्षीय मजदूर अजय सदा की दर्दनाक मौत हो गई। चंद रुपयों की खातिर अपनों से दूर आए इस नौजवान की मौत ने एक बार फिर प्रवासियों की सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गोदाम से सामान लेने निकला था अजय, महज 100 मीटर की दूरी पर खड़ी थी मौत
पुलिस को मामले की चश्मदीद गवाही देने वाले दरभंगा निवासी बलराम कुमार ने बताया कि ढांड रोड पर स्थित एक चावल गोदाम (राइस शेलर) में बिहार के करीब 11 मजदूर एक साथ काम करते हैं। अजय सदा भी इसी टोली का हिस्सा था और गोदाम में ही रहता था।
रोजमर्रा का कुछ जरूरी सामान लेने के लिए अजय अपनी साइकिल उठाकर कमोदा अड्डे की तरफ निकला था। वह गोदाम के गेट से निकलकर मुख्य सड़क पर आया ही था और मुश्किल से 100 मीटर आगे बढ़ा होगा, तभी पीछे से मौत बनकर आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उसके आगे चल रही दूसरी गाड़ी को गलत दिशा से ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर दूसरी साइड चली गई और सीधे अजय की साइकिल में पीछे से दे मारी।
हवा में उछलकर दूर गिरा युवक, भीड़ देखकर फरार हुआ आरोपी कार चालक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जोरदार थी कि अजय साइकिल समेत हवा में कई फीट ऊपर उछला और सड़क पर दूर जा गिरा, जबकि उसकी साइकिल के परखच्चे उड़ गए। जमीन पर गिरते ही अजय के सिर और गर्दन की हड्डी टूट गई और वह खून से लथपथ हो गया।
हादसे के ठीक बाद कार चालक ने घबराहट में गाड़ी की रफ्तार थोड़ी धीमी की, लेकिन जैसे ही उसने देखा कि गोदाम के अन्य मजदूर और राहगीर उसकी तरफ दौड़ रहे हैं, वह इंसानियत को ताक पर रखकर कार में दोबारा एक्सीलेटर दबाते हुए मौके से रफूचक्कर हो गया। गंभीर रूप से जख्मी अजय को आनन-फानन में कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल की दहलीज पार करने से पहले ही उसकी सांसें टूट चुकी थीं। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पिछले साल ही पैदा हुआ था बेटा, परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था अजय
अजय की असमय मौत की खबर मिलते ही गोदाम में सन्नाटा पसर गया और बिहार में रहने वाले उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। महज 30 साल का अजय अपने पीछे पत्नी रंजन देवी, दो बेटियों—अंकुश (2 साल) व इंद्रो, और एक साल के मासूम बेटे आदर्श को छोड़ गया है। परिजनों ने रोते हुए बताया कि अजय के घर पिछले साल ही मन्नत के बाद बेटे का जन्म हुआ था, जिसका चेहरा ठीक से देखने का मौका भी उसे नहीं मिल पाया। पूरे परिवार का पेट पालने की जिम्मेदारी अकेले अजय के कंधों पर ही थी।
केयूके (कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी) थाना पुलिस ने इस संबंध में बलराम के बयानों के आधार पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और हिट-एंड-रन की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि कमोदा अड्डे और मुख्य मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी की कार के नंबर का पता लगाकर उसे जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।