Punjab Cm News : कांग्रेस-अकाली ने दीमक की तरह खोखला किया पंजाब : भगवंत मान

खरड़ में लोक मिलनी के दौरान सीएम भगवंत मान को सुनने पहुंची जनता।
Punjab Cm News : मोहाली के खरड़ हलके में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विपक्षी खेमे पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम मान ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल ने आजादी के बाद से पंजाब को स्यूंक (दीमक) की तरह अंदर से खोखला कर दिया है।
उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि अगर गलती से भी विपक्षी दलों को वोट दे दी गई, तो वे वर्तमान सरकार की सभी जन-कल्याणकारी योजनाओं पर ताला लगा देंगे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विपक्षी नेताओं ने राज्य के खिलाफ इतने पाप किए हैं कि इस बार जनता उनका राजनीतिक अस्तित्व ही समाप्त कर देगी।
गठबंधन के लिए तड़प रहे अकाली, कांग्रेस आपसी गुटबाजी में बिखरी
अकाली दल और भाजपा पर निशाना साधते हुए भगवंत मान ने कहा कि जिस अकाली नेतृत्व के कार्यकाल में बेअदबी की घटनाएं हुईं और निर्दोषों पर गोलियां चलाई गईं, वह आज फिर से सत्ता की मलाई खाने के लिए आतुर है। उन्होंने कहा कि अकाली दल सूबे को लूटने के मकसद से एक बार फिर भाजपा के साथ हाथ मिलाने के लिए तरस रहा है।
वहीं, कांग्रेस पार्टी पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा कि कांग्रेस एक बिखरा हुआ घर है, जहां नेता केवल अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर कुर्सी के लिए आपस में लड़ रहे हैं। उनके पास पंजाब के विकास के लिए कोई एजेंडा नहीं है।
टैक्स का पाई-पाई जनता की भलाई पर, मुफ्त बिजली और नहरी पानी का दिया हिसाब
अपनी सरकार के रिपोर्ट कार्ड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 90 प्रतिशत से ज्यादा परिवारों को अब मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय पर्याप्त नहरी पानी मुहैया कराया जा रहा है। सरकार बनने के बाद नहरी सिंचाई का रकबा 26 फीसदी से बढ़कर 80 फीसदी तक पहुंच गया है।
इसके अलावा, 70 हजार से अधिक युवाओं को बिना किसी रिश्वत के मेरिट पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं। बंद किए गए टोल प्लाजा से राज्य को प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत हो रही है, जिसे बुनियादी ढांचे, स्कूलों और अस्पतालों पर खर्च किया जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक क्रांति, महिलाओं को मिल रहा सीधा आर्थिक लाभ
सीएम मान ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ का उल्लेख करते हुए बताया कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जो हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज दे रहा है। इसके अलावा, ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत 70 लाख से ज्यादा महिला लाभार्थियों के खातों में वित्तीय सहायता भेजी जा चुकी है।
शिक्षा व्यवस्था में आए बदलाव का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा कि ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ की बदौलत सरकारी स्कूलों का स्तर सुधरा है। यही कारण है कि साल 2021 में जहां सरकारी स्कूलों के महज 80 बच्चों ने नीट (NEET) परीक्षा पास की थी, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 882 हो गई है।
