Sonipat Crime: नरेला में प्रॉपर्टी डीलर हत्या मामला, 48 घंटे बाद भी नहीं लिया शव, बदमाशों के एनकाउंटर पर अड़े ग्रामीण

नरेला में प्रॉपर्टी डीलर हत्या मामला, 48 घंटे बाद भी नहीं लिया शव, बदमाशों के एनकाउंटर पर अड़े ग्रामीण
Sonipat Crime: सोनीपत सीमा से सटे दिल्ली के नरेला इलाके में प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद की सनसनीखेज हत्या का मामला अब गहराता जा रहा है। वारदात के 48 घंटे बीत जाने के बावजूद परिजनों ने प्रमोद का शव लेने से साफ इनकार कर दिया है। यह मामला अब केवल एक पीड़ित परिवार के दुख-दर्द तक सीमित नहीं रहा, बल्कि न्याय की मांग को लेकर पूरा नाहरी गांव और आसपास के ग्रामीण एकजुट हो गए हैं।
शुक्रवार को आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने नरेला पहुंचकर मुख्य मार्ग पर करीब ढाई घंटे तक चक्का जाम कर दिया। इस दौरान मीर सिंह मार्केट रोड और नरेला-नाहरी रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
डीसीपी के आश्वासन के बाद खुला जाम, पर मांग पर अड़े ग्रामीण
जाम की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। रोहिणी डीसीपी शशांक ने खुद मोर्चा संभालते हुए सड़क पर बैठकर ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें समझाया। डीसीपी द्वारा हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों के लगातार छापेमारी करने का भरोसा दिए जाने के बाद ग्रामीण वापस तो लौट गए, लेकिन उन्होंने शव लेने से इनकार का अपना फैसला नहीं बदला।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रमोद की हत्या जिस बेरहमी से की गई है, उससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक पुलिस हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि उनका एनकाउंटर नहीं करती, वे प्रमोद का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
9 महीने पुरानी अनसुलझी वारदात ने आग में डाला घी
नाहरी गांव में प्रमोद की हत्या के बाद से मातम पसरा हुआ है, लेकिन इस बार ग्रामीण आर-पार की लड़ाई के मूड में दिख रहे हैं। ग्रामीणों का आक्रोश केवल इस घटना से नहीं, बल्कि पुलिस की पुरानी नाकामी से भी जुड़ा है।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 9 महीने पहले भी उनके गांव के एक व्यक्ति के साथ ऐसी ही वीभत्स वारदात हुई थी, जहां बदमाशों ने हत्या के बाद शव को जलाने का प्रयास किया था। उस मामले में आज तक पुलिस के हाथ खाली हैं। यही वजह है कि प्रमोद की हत्या के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा और अविश्वास चरम पर पहुंच गया है।
दिल्ली पुलिस ने नहीं बनाया दबाव, इलाके में सुरक्षा पर सवाल
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भी परिवार पर शव का पोस्टमार्टम कराने या उसे उठाने का कोई दबाव नहीं बनाया है। पुलिस का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता वारदात में शामिल शूटरों और साजिशकर्ताओं को जल्द से जल्द दबोचना है।
लगातार एक के बाद एक हो रही वारदातों से नाहरी और आसपास के सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आसपास के कई गांवों की पंचायतें भी अब नाहरी गांव के समर्थन में उतर आई हैं।
यह भी पढ़ें–Faridabad News: फरीदाबाद में हनीट्रैप का भंडाफोड़, अश्लील वीडियो के नाम पर 1 लाख वसूलती महिला गिरफ्तार
