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सावधान! सोशल मीडिया पर दोस्ती पड़ी महंगी, अंबाला में किशोरी से ऐंठ लिया 6 तोला सोना

Mar 30, 2026 11:40 AM

अंबाला। अंबाला के बराड़ा इलाके में सोशल मीडिया की आभासी दुनिया ने एक परिवार की खुशियां और जमापूंजी दोनों छीन लीं। सरकपुर गांव में एक नाबालिग लड़की को इंस्टाग्राम पर दोस्ती के जाल में फंसाकर उससे लाखों के जेवर ऐंठने का मामला सामने आया है। मुलाना थाना प्रभारी प्रमोद राणा के मुताबिक, यह साजिश तब बेनकाब हुई जब परिवार एक रिश्तेदार की शादी में जाने की तैयारी कर रहा था। अलमारी से करीब 6 तोला सोना गायब देख जब मां-बाप के पैरों तले जमीन खिसक गई, तब कड़ाई से पूछने पर 16 साल की बेटी ने जो हकीकत बयां की, उसे सुन हर कोई दंग रह गया।

ट्यूशन के रास्ते से शुरू हुआ था गुनाह का सफर

पीड़िता ने बताया कि बराड़ा के रहने वाले दो लड़के अक्सर उसे ट्यूशन आते-जाते समय मिलते थे। इसी दौरान बातों-बातों में उन्होंने किशोरी का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया और इंस्टाग्राम पर चैटिंग शुरू कर दी। आरोपियों ने पहले उससे दो लाख रुपये की मांग की। जब लड़की ने असमर्थता जताई, तो उन्होंने मर्यादा की सीमा लांघते हुए वीडियो वायरल करने की धमकी दी। आरोपियों ने यहां तक कह दिया कि यदि पैसे या जेवर नहीं दिए तो वे उसके परिवार को खत्म कर देंगे। खौफ के साये में जी रही बच्ची ने चुपचाप घर से सोने की चूड़ियां, भारी किट्टी सेट, अंगूठी और बालियां ले जाकर इन दरिंदों को सौंप दीं।

सुनार को बेचे जेवर, खरीदी नई बाइक और मोबाइल

पुलिस की तफ्तीश में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पकड़े गए दोनों नाबालिग आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने इस वारदात में अपने दो साथियों—वंश उर्फ वीरू और बनारस मूल के निरंजन की मदद ली थी। इन चारों ने मिलकर लूट का सोना बराड़ा के ही एक स्थानीय सुनार को औने-पौने दामों में बेच दिया। इस काली कमाई से आरोपियों ने ऐशो-आराम के लिए दो नए मोबाइल फोन और एक बाइक भी खरीद ली। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बाइक और मोबाइल बरामद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस की चेतावनी: सोशल मीडिया पर रखें नजर

मुलाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मुख्य सहयोगियों को अदालत में पेश किया जा रहा है, वहीं जेवर खरीदने वाले सुनार की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर अभिभावकों को सचेत किया है कि वे अपने बच्चों की सोशल मीडिया एक्टिविटी और उनके व्यवहार में आ रहे बदलावों पर पैनी नजर रखें, ताकि कोई और मासूम इस तरह के 'डिजिटल हनीट्रैप' का शिकार न बने।

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