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50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी आंधी; मौसम विभाग का हरियाणा के 16 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट'

Jun 05, 2026 10:01 AM

मई और जून की शुरुआत में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से उबल रहे हरियाणा के लिए मौसम का बदला मिजाज किसी वरदान से कम नहीं है। सूर्यदेव के तल्ख तेवरों और उमस से बेहाल लोगों को अब राहत मिलने जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पंजाब के वायुमंडल में बने एक चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और पहाड़ों पर सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के आपसी जुड़ाव के कारण मैदानी इलाकों में मानसूनी दस्तक से पहले ही प्री-मानसून जैसी हलचल शुरू हो गई है। इसके प्रभाव से राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे झुलसाने वाली लू का दौर थम जाएगा।

16 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट, कुछ जगह ओले गिरने की आशंका

मौसम विभाग ने तात्कालिक पूर्वानुमान जारी करते हुए सूबे के लगभग तीन-चौथाई हिस्से को अलर्ट पर रखा है। जिन 16 जिलों में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा, उनमें सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, भिवानी, रोहतक, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम और फरीदाबाद शामिल हैं।

इन इलाकों में गरज-चमक के साथ कहीं हल्की तो कहीं मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चल सकता है। मौसम की इस उग्रता के कारण कुछ चुनिंदा पॉकेट्स में ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की भी पूरी आशंका बनी हुई है।

किसानों के चेहरे खिले, धान की पौध के लिए अमृत है यह बारिश

मौसम में आया यह बदलाव खेती-किसानी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जून का यह महीना धान की पनीरी (पौध) लगाने और खेतों को तैयार करने के लिए सबसे मुफीद होता है। ऐसे में आसमान से बरसने वाला यह पानी किसानों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। इससे न सिर्फ भूजल की बचत होगी, बल्कि पौधों की ग्रोथ भी अच्छी होगी। हालांकि, कृषि वैज्ञानिकों ने चेताया है कि जिन किसानों ने खेतों में हाल ही में पानी लगाया है, वे तेज आंधी को देखते हुए अपनी फसलों के प्रबंधन में सावधानी बरतें और तेज हवाओं के दौरान खेतों में सिंचाई रोक दें।

प्रशासन मुस्तैद; पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह

बदले हुए मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। बिजली निगम और आपदा प्रबंधन की टीमों को सतर्क रहने को कहा गया है, क्योंकि 50 किमी की रफ्तार से चलने वाली हवाएं कमजोर पेड़ों और बिजली के तारों को नुकसान पहुँचा सकती हैं। मौसम विभाग ने आमजन से अपील की है कि जब आसमान में बिजली कड़क रही हो या तेज धूलभरी आंधी चल रही हो, तो यात्रा करने से बचें। ऐसे समय में किसी पेड़, जर्जर इमारत या ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभों के नीचे शरण कतई न लें, बल्कि पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों के भीतर ही रहें।

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