अंबाला अस्पताल में खौफ: लेडी डॉक्टर से बदसलूकी, बचाने आए गार्ड की आंखों में डाला तेजाबी केमिकल
Apr 16, 2026 5:26 PM
अंबाला। स्वास्थ्य सेवाओं के गढ़ कहे जाने वाले अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। अस्पताल की इमरजेंसी, जहां डॉक्टर मरीजों की जान बचाने के लिए जद्दोजहद करते हैं, वहां गुरुवार को एक सिरफिरे ने 'मौत का खेल' खेला। एक मरीज ने न केवल ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर की गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि सुरक्षाकर्मी पर तेजाबी केमिकल फेंककर उसे अंधा करने की कोशिश की।
इंतजार का 'खूनी' अंजाम
घटना दोपहर उस वक्त की है जब इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की भारी भीड़ थी। डॉक्टर रिद्धि गंभीर मरीजों के उपचार में व्यस्त थीं। इसी दौरान एक युवक अपनी एमएलआर (मेडिको लीगल रिपोर्ट) कटवाने के लिए वहां पहुंचा। अन्य मरीजों की गंभीरता को देखते हुए जब डॉक्टर ने उसे थोड़ा इंतजार करने को कहा, तो आरोपी आपे से बाहर हो गया। उसने चिल्लाना शुरू कर दिया और देखते ही देखते डॉक्टर के केबिन में घुसकर उनके साथ गाली-गलौज की और उनका हाथ पकड़ लिया।
सिक्योरिटी गार्ड पर केमिकल अटैक
डॉक्टर के साथ होती बदसलूकी देख वहां तैनात सुरक्षाकर्मी जसप्रीत सिंह तुरंत बचाव के लिए दौड़ा। आरोपी की उग्रता इस कदर बढ़ चुकी थी कि उसने पास ही रखी फर्श साफ करने वाले केमिकल की बोतल उठा ली। जैसे ही गार्ड ने उसे काबू करना चाहा, आरोपी ने पूरी बोतल जसप्रीत के चेहरे और आंखों पर उड़ेल दी। केमिकल इतना तेज था कि गार्ड की आंखें बुरी तरह प्रभावित हुईं और वह दर्द से वहीं गिरकर कराहने लगा। इस छीना-झपटी में वहां मौजूद अन्य तीमारदारों के कपड़े भी केमिकल की वजह से जल गए।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
अस्पताल में मची अफरा-तफरी के बीच सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे युवक को दबोच लिया। घायल सुरक्षाकर्मी को तुरंत उसी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। लेडी डॉक्टर रिद्धि ने बताया कि आरोपी का व्यवहार शुरुआत से ही हिंसक था और वह बिना किसी वजह के डॉक्टरों पर हमलावर हो रहा था।
डॉक्टरों में दहशत और गुस्सा
इस हमले के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ में भारी रोष है। स्टाफ का कहना है कि अगर अस्पताल के भीतर भी वे सुरक्षित नहीं हैं, तो वे निर्भय होकर काम कैसे कर पाएंगे? डॉक्टरों ने मांग की है कि इमरजेंसी जैसे संवेदनशील वार्डों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।