अंबाला रेल मंडल का बड़ा फैसला: नंगलडैम-अंबाला मेमू समेत कई ट्रेनें पटरी से उतरीं, यात्रियों में भारी रोष
May 03, 2026 11:45 AM
अंबाला (जग मार्ग)। रेलवे ट्रैक की सेहत सुधारने की कवायद ने अंबाला-दौलतपुर चौक और नंगलडैम रूट पर सफर करने वाले यात्रियों की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। अंबाला रेल मंडल ने चंडीगढ़-न्यू मोरिंडा सेक्शन के बीच सिग्नल सिस्टम को अपडेट करने और ट्रैक मेंटिनेंस के लिए भारी ब्लॉक लिया है। इसका सीधा असर मध्यम वर्ग की लाइफलाइन कही जाने वाली पैसेंजर और मेमू ट्रेनों पर पड़ा है, जो अब 31 मई तक पटरी से गायब रहेंगी।
छात्रों और नौकरीपेशा लोगों का बिगड़ा शेड्यूल
अंबाला-दौलतपुर चौक पैसेंजर (74991/74992) हिमाचल और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों को हरियाणा से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। सुबह के वक्त चलने वाली यह ट्रेन रद्द होने से उन युवाओं और कर्मचारियों के सामने संकट खड़ा हो गया है जो समय पर दफ्तर या कॉलेज पहुंचने के लिए रेल पास का सहारा लेते थे। रेलवे के इस फैसले से न केवल कनेक्टिविटी टूटी है, बल्कि वैकल्पिक साधनों के रूप में बसों का सहारा लेने पर यात्रियों को तीन गुना अधिक किराया और समय खर्च करना पड़ रहा है।
यात्रियों का सुझाव: वाया सरहिंद निकालें रास्ता
दैनिक यात्री पंकज, गौतम और विकास ने प्रशासन के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए एक व्यावहारिक समाधान सुझाया है। उनका कहना है कि यदि चंडीगढ़ सेक्शन पर काम चल रहा है, तो ट्रेन को पूरी तरह रद्द करने के बजाय इसे वाया सरहिंद मोड़कर (डाइवर्ट कर) चलाया जा सकता है। यात्रियों का तर्क है कि इससे समय थोड़ा ज्यादा जरूर लगेगा, लेकिन कम से कम हजारों लोगों का रोजगार और पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। यात्रियों ने मांग की है कि यदि मुख्य ट्रेन संभव नहीं है, तो कम से कम एक विशेष वैकल्पिक ट्रेन इस अवधि के लिए शुरू की जाए।
मेमू ट्रेनों पर भी लगा ब्रेक
सिर्फ दौलतपुर ही नहीं, नंगलडैम रूट का हाल भी जुदा नहीं है। ट्रेन संख्या 64516 और 64517 (नंगलडैम-अंबाला मेमू) भी 2 मई से 31 मई तक अस्थायी रूप से रद्द कर दी गई हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि लाइन की सुरक्षा सर्वोपरि है और ब्लॉक लेना मजबूरी है। हालांकि, विभाग ने यात्रियों को अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने की सलाह दी है, लेकिन हकीकत यह है कि उन ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं होती और छोटे स्टेशनों पर उनका ठहराव नहीं है। फिलहाल, अंबाला रेल मंडल के इस फैसले ने मई की तपती गर्मी में आम आदमी के सफर को और अधिक कष्टकारी बना दिया है।