हौसले की 'मुकम्मल उड़ान': 47 की उम्र, 25 साल का इंतज़ार और आंखों में फिर वही डॉक्टर बनने का ख्वाब
May 03, 2026 2:19 PM
नई दिल्ली (जग मार्ग)। क्या किसी सपने की एक्सपायरी डेट होती है? समाज की नज़र में शायद 25 या 30 साल, लेकिन पम्मी कुंडू के लिए 'सफेद कोट' पहनने की जिद आज 47 साल की उम्र में भी उतनी ही ताजा है, जितनी 1996 में 12वीं पास करने के वक्त थी। आज जब देश भर के लाखों युवा नीट यूजी 2026 की परीक्षा दे रहे हैं, तब उन्हीं के बीच कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की एक कर्मचारी पम्मी कुंडू भी मौजूद हैं। यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि एक महिला के आत्मसम्मान और दशकों पुराने संघर्ष की कहानी है।
बीमार पति और नौकरी के बीच 'सैंडविच' बनी जिंदगी
पम्मी कुंडू, जिनका असल नाम परमिंदर कौर है, की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं। पिछले दो दशकों से वे अपनी जिंदगी के सबसे कठिन मोर्चे पर लड़ रही हैं। एक तरफ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग की सरकारी नौकरी, तो दूसरी तरफ 20 सालों से बिस्तर पर पड़े बीमार पति की देखभाल। पति की याददाश्त खो जाने और गंभीर शारीरिक समस्याओं के बीच पम्मी ने घर की धुरी को संभाले रखा। इस भागदौड़ में उनकी अपनी ख्वाहिशें कहीं बहुत गहरे दब गई थीं।
बेटी की जीत ने दी 'ऑक्सीजन'
पम्मी के सपनों को दोबारा पंख तब मिले, जब उनकी बेटी ने साल 2023 में पहले ही प्रयास में मेडिकल की सीट पक्की कर ली। बेटी की किताबों को पलटते हुए पम्मी को अहसास हुआ कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। उन्होंने तय किया कि वे समाज की बंदिशों को तोड़ेंगी। फेसबुक पर उनके 13 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स इस बात के गवाह हैं कि कैसे उन्होंने अपनी तैयारी और संघर्ष को लोगों के साथ साझा किया। वे 2024 और 2025 में भी नीट निकाल चुकी हैं, लेकिन उनकी जिद एम्स (AIIMS) में दाखिला पाने की है।
3 मई 2026: एक नई शुरुआत
आज परीक्षा केंद्र पर जाते समय पम्मी के पास न केवल बेटी का 'ऑल द बेस्ट' मैसेज था, बल्कि हजारों उन महिलाओं की उम्मीदें भी थीं जो घर-गृहस्थी के चक्कर में अपने करियर की बलि दे देती हैं। पम्मी कहती हैं, "मैंने 25 साल पहले समाज के डर से अपना सपना छोड़ा था, अब मैं उसे खुद के लिए जी रही हूँ।" उनके लिए नीट में बैठना इस बात का ऐलान है कि अगर आग सच्ची हो, तो राख के नीचे से भी चिंगारी भड़क सकती है। 47 की उम्र में पम्मी की यह मुस्तैदी बताती है कि सीखने और जीतने की कोई अंतिम तिथि नहीं होती।