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हरियाणा कांग्रेस को झटका! भूपेंद्र हुड्डा के करीबी रहे लक्ष्मण नापा की बीजेपी में 'घर वापसी'

May 03, 2026 1:36 PM

फतेहाबाद (जग मार्ग)। हरियाणा में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए जारी शह-मात के खेल के बीच फतेहाबाद जिले की रतिया विधानसभा में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। रतिया से पूर्व विधायक और इलाके के कद्दावर नेता लक्ष्मण नापा ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया है। रविवार को उन्होंने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और जिला अध्यक्ष प्रवीण जोड़ा ने उन्हें पटका पहनाकर पार्टी में शामिल किया। नापा की इस घर वापसी को आगामी निकाय चुनावों में बीजेपी के लिए बड़ी संजीवनी माना जा रहा है।

टिकट की टीस और हुड्डा कैंप से दूरी

लक्ष्मण नापा का कांग्रेस के साथ सफर बेहद संक्षिप्त और उतार-चढ़ाव भरा रहा। दरअसल, गत विधानसभा चुनाव के दौरान जब बीजेपी ने उनकी टिकट काट दी थी, तब उन्होंने बगावत का झंडा बुलंद करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में कांग्रेस ज्वाइन की थी। हालांकि, राजनीतिक जानकारों की मानें तो नापा कांग्रेस के भीतर खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहे थे और काफी समय से पार्टी की गतिविधियों से दूरी बनाए हुए थे। अब दोबारा बीजेपी में लौटते हुए नापा ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और मुख्यमंत्री नायब सैनी की नीतियों से प्रभावित होकर अपने पुराने घर लौटा हूं।"

रतिया में कांग्रेस की मुसीबतें बढ़ीं

रतिया बेल्ट में कांग्रेस के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कुछ समय पहले ही राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोपों के बाद रतिया के मौजूदा विधायक जरनैल सिंह भी कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। जरनैल सिंह इन दिनों खुले मंचों से सीएम नायब सैनी की तारीफ कर रहे हैं, और अब नापा के जाने से रतिया में कांग्रेस का संगठन लगभग नेतृत्व विहीन नजर आ रहा है। लक्ष्मण नापा ने कहा कि वे अब रतिया में बीजेपी को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे।

इतिहास के पन्नों में नापा का रतिया मिशन

गौरतलब है कि साल 2019 के विधानसभा चुनाव में लक्ष्मण नापा ने रतिया सीट पर वह कर दिखाया था जो इससे पहले कोई नहीं कर पाया। उन्होंने रतिया में पहली बार बीजेपी का कमल खिलाया था। उस बेहद नजदीकी मुकाबले में उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी जरनैल सिंह को 1216 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी। अब जब नापा फिर से भगवा ब्रिगेड का हिस्सा बन गए हैं, तो आगामी चुनावों में रतिया और फतेहाबाद की स्थानीय राजनीति में बीजेपी का पलड़ा भारी होना तय माना जा रहा है।

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