अंबाला में बवाल: खाटू श्याम से लौट रहे दो पक्षों में तलवारबाजी, युवक की हालत नाजुक
Apr 15, 2026 1:45 PM
अंबाला। अंबाला से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया है। राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर में शीश नवाकर लौट रहे दो पक्षों के बीच चली आ रही रंजिश बस के भीतर ही ज्वालामुखी बनकर फूट पड़ी। यह विवाद इतना हिंसक हो गया कि बस में सवार अन्य यात्री भी सहम गए। इस आपसी झगड़े का शिकार नारायणगढ़ का एक युवक अमनदीप हुआ, जो अपने दोस्त की मदद करने और सुलह कराने मौके पर पहुंचा था। हमलावरों ने आव देखा न ताव, अमनदीप पर तेजधार हथियार से सीधा वार कर दिया, जिससे वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा।
सुलह कराने गया था दोस्त, मिली जानलेवा चोट
शिकायतकर्ता अमनदीप सिंह के मुताबिक, 13 अप्रैल की सुबह उसके दोस्त अंशुल का फोन आया। अंशुल ने घबराए हुए लहजे में बताया कि खाटू श्याम से लौटते वक्त बस में उसका माजरा निवासी राकेश और कुशांत के साथ विवाद हो गया है। झगड़ा बढ़ता देख अंशुल ने अमनदीप को शहजादपुर के गोगामेड़ी के पास बुलाया ताकि मामले को शांत कराया जा सके। सुबह करीब साढ़े पांच बजे जब अमनदीप वहां पहुँचा और उसने कुशांत को समझाने का प्रयास किया, तो आरोपी कुशांत उग्र हो गया। उसने गाली-गलौज करते हुए अपने पास रखे तेजधार हथियार से अमनदीप की कोहनी पर जोरदार हमला कर दिया।
परिजनों में गुस्सा, पुलिस कर रही छापेमारी
वारदात के बाद आरोपी कुशांत ने घायल को जमीन पर तड़पता छोड़ दिया और जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग निकला। अत्यधिक खून बहने के कारण अमनदीप को तुरंत पंचकूला के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर लेकिन गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष और नारायणगढ़ के लोगों में भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि धार्मिक यात्रा से लौट रहे युवकों के पास हथियार होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।
कानूनी शिकंजा: आरोपी की तलाश में टीमें रवाना
शहजादपुर थाना पुलिस ने अमनदीप के बयानों के आधार पर आरोपी कुशांत के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है कि विवाद की असली वजह क्या थी और हमलावर के पास हथियार कहां से आए। पुलिस की एक टीम आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। फिलहाल, इलाके में शांति है लेकिन पुलिस का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।