स्कूल गई बेटी घर नहीं लौटी: अंबाला कैंट में छात्रा गायब, नारायणगढ़ और साहा में भी लापता होने के मामले दर्ज
Apr 02, 2026 1:16 PM
अंबाला। अंबाला जिले के लिए बीता एक सप्ताह सुरक्षा और सामाजिक चिंता के लिहाज से काफी भारी रहा है। जिले के तीन अलग-अलग कोनों से लापता होने की खबरों ने पुलिस प्रशासन और स्थानीय निवासियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। सबसे नया और चौंकाने वाला मामला अंबाला कैंट का है, जहां महज 15 साल की एक स्कूली छात्रा बुधवार (1 अप्रैल 2026) को रोजाना की तरह स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन घर वापस नहीं लौटी। छात्रा के पिता आयन रजी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि काफी तलाश के बाद भी जब बेटी का सुराग नहीं मिला, तब उन्हें अनहोनी की आशंका सताने लगी।
कालाअंब: मामा के घर गई थी 17 साल की बेटी, अब ढूंढ रही पुलिस
नारायणगढ़ के कालाअंब क्षेत्र से भी एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ रहने वाले करण कुमार ने बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी अपने मामा के घर रहने गई थी। 27 मार्च को अष्टमी मनाने के उत्साह के बीच वह अचानक कहीं ओझल हो गई। परिजनों ने अपनी तरफ से हर संभावित जगह पर तलाश की, रिश्तेदारों और सहेलियों के घर फोन खंगाले, लेकिन नतीजा सिफर रहा। पुलिस ने इस मामले में अपहरण की धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी है और मोबाइल लोकेशन व सीसीटीवी फुटेज के जरिए सुराग जुटाने की कोशिश की जा रही है।
साहा से महिला लापता, पुराने विवादों की भी चर्चा
तीसरा मामला साहा थाना क्षेत्र का है, जहां दिनेश नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी रीतू बाला की गुमशुदगी दर्ज कराई है। इस मामले में पुलिस के सामने कुछ पुराने विवाद भी आए हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसकी पत्नी पहले भी संदिग्ध परिस्थितियों में घर छोड़कर जा चुकी है और तब किसी युवक के साथ उसके जाने की बात सामने आई थी। मुलाना थाने में उस वक्त दोनों पक्षों के बीच लिखित फैसला भी हुआ था, जिसके बाद वह वापस आ गई थी। लेकिन अब एक बार फिर महिला का अचानक लापता होना पुलिस के लिए पहेली बन गया है।
पुलिसिया कार्रवाई और सामाजिक चिंता
अंबाला पुलिस ने तीनों ही मामलों को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं। जिले के एसपी ने सभी संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मुख्य चौराहों के सीसीटीवी फुटेज खंगालें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर पहलू से जांच कर रहे हैं—चाहे वह पारिवारिक विवाद हो, किसी के बहकावे में आना हो या फिर कोई अन्य आपराधिक गतिविधि। फिलहाल, इन घटनाओं ने इलाके के अभिभावकों के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।