भाजपा-आरएसएस 24 घंटे संविधान पर हमला कर रहे: राहुल गांधी
May 20, 2026 3:14 PM
रायबरेली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) मिलकर हर दिन संविधान पर हमला कर रहे हैं और संविधान को डॉ. बीआर आंबेडकर व महात्मा गांधी की ‘‘आवाज का प्रतिनिधित्व’’ करने वाला दस्तावेज बताते हुए इसकी रक्षा करने का आह्वान किया। राहुल अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में जिले के क्रांतिकारी वीरा पासी की स्मृति में आयोजित ‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘अन्य वक्ताओं को सुनते हुए मुझे लगा कि हम वीरा पासी और डॉ. आंबेडकर को याद तो करते हैं, लेकिन जिस विचारधारा के लिए वे खड़े थे, उसकी ठीक से रक्षा नहीं हो रही है क्योंकि हमारी आंखों के सामने संविधान पर हमला किया जा रहा है।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मनरेगा को कमजोर करके, जातिगत जनगणना नहीं कराकर और चुनिंदा उद्योगपतियों का पक्ष लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘‘दिन-रात संविधान पर हमला’’ कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंबानी और अदाणी जैसे बड़े उद्योगपतियों के हितों को देश की कीमत पर प्राथमिकता दी जा रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हालिया अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि ईंधन की खपत कम करने, सोना खरीदने से बचने और विदेश यात्राएं घटाने की बात महंगाई बढ़ने के संकेत हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले महीनों में महंगाई तेजी से बढ़ेगी। पेट्रोल, डीजल, गैस, खाद्यान्न—हर चीज की कीमत बढ़ेगी।’’ लोगों से विदेश यात्रा से बचने की अपील करने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री के पांच देशों की यात्रा पर निकलने को लेकर भी राहुल गांधी ने उनकी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर, वीरा पासी और महात्मा गांधी को याद करना तभी सार्थक है, जब उनकी विचारधारा की रक्षा की जाए। उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ उनकी मूर्तियों के सामने हाथ जोड़ना काफी नहीं है। अगर आप बाहर जाकर उनकी विचारधारा के खिलाफ काम करते हैं, तो उसका कोई मतलब नहीं है।’’ गांधी ने कहा कि भारत में समानता और न्याय के आदर्शों की रक्षा सामूहिक रूप से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘21वीं सदी के वीरा पासी, आंबेडकर और गांधी आप लोगों के बीच से ही निकलेंगे। वे आसमान से नहीं आएंगे।’’ प्रधानमंत्री मोदी पर हमला जारी रखते हुए राहुल ने कहा कि उन्होंने ‘‘लोगों की जेब और घरों से सारा पैसा निकाल लिया।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान में निहित सार्वजनिक क्षेत्र, आरक्षण और स्वतंत्र न्यायपालिका जैसी व्यवस्थाओं को ‘‘नरेन्द्र मोदी, (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह और आरएसएस ने खत्म कर दिया है’’ और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मीडिया की अवधारणा को भी इन ताकतों ने ‘‘समाप्त’’ कर दिया है।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को बंद करने, सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण करने और आरएसएस विचारधारा से प्रभावित कुलपतियों की नियुक्ति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन कुलपतियों को विज्ञान, इतिहास या भूगोल की बहुत कम जानकारी है, लेकिन वैचारिक नजदीकी के कारण उन्हें चुना गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘‘एक व्यक्ति-एक वोट’’ की संवैधानिक व्यवस्था को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण और ‘‘करोड़ों वोट’’ हटाकर कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग उन्हें वोट नहीं देते, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं… संविधान पर 24 घंटे हमला हो रहा है।’’ उन्होंने कहा कि हालांकि, अब सच्चाई सामने आ रही है और ‘‘कोई नहीं बचेगा।’’
राहुल ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होगी, जिससे बड़ा आर्थिक झटका लगेगा। उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले महीनों में इससे महंगाई बढ़ेगी। आशंका है कि आपने अपने जीवन में ऐसी महंगाई पहले कभी न देखी हो।’’ उन्होंने कहा कि किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ सकता है और केरोसीन की आपूर्ति भी बाधित हो सकती है। गांधी ने आरोप लगाया कि इस आर्थिक असर का प्रभाव अंबानी और अदाणी जैसे उद्योगपतियों पर नहीं पड़ेगा, बल्कि आम नागरिक इसकी मार झेलेंगे। अपने संबोधन की शुरुआत में कांग्रेस नेता ने कहा कि संविधान कोई साधारण दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह डॉ. आंबेडकर, वीरा पासी और महात्मा गांधी की विचारधारा के साथ-साथ केरल के नारायण गुरु और कर्नाटक के बसवन्ना जैसे अनेक समाज सुधारकों के योगदान को समेटे हुए है।
राहुल ने बुद्ध, गुरु नानक और कबीर का भी संदर्भ देते हुए कहा कि उनकी आवाज संविधान में प्रतिबिंबित होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग मूर्तियों के सामने झुकते हैं और बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित करते हैं, लेकिन जब संविधान और उसकी विचारधारा पर हमला होता है, तब वे चुप रहते हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग आंबेडकर की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, वे उनकी विचारधारा को भूल जाते हैं। वे उसकी रक्षा नहीं करते। जब विचारधारा पर हमला हो, तब उसकी रक्षा की जानी चाहिए।” दर्शकों के बीच तालियां बजने पर गांधी ने कहा, “आप अभी ताली बजा रहे हैं, लेकिन जब संविधान को फाड़ा जाता है, तब आप चुप रहते हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘संविधान कहता है कि भारत सबका है, किसी जाति, व्यक्ति, अरबपति या संगठन का नहीं।’’