जनरल खंडूड़ी की अंतिम विदाई में पहुंचे CM धामी और मनोहर लाल खट्टर, सेना ने दी अंतिम सलामी
May 20, 2026 3:25 PM
उत्तराखंड। उत्तराखंड की राजनीति के पुरोधा और शुचिता के प्रतीक रहे पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (से.नि) अब हमारे बीच नहीं रहे। बुधवार को तीर्थनगरी हरिद्वार के गंगा तट पर स्थित खड़खड़ी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार बेहद गमगीन माहौल में किया गया। राजनीति में 'मिस्टर क्लीन' और सेना में अपनी कड़क कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले जनरल खंडूड़ी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। समाज के हर वर्ग के लोगों ने नम आंखों से अपने चहेते नेता और अभिभावक को अंतिम विदाई दी।
सेना और पुलिस ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर, बेटे मनीष ने दी मुखाग्नि
जैसे ही जनरल खंडूड़ी का पार्थिव शरीर हरिद्वार पहुंचा, पूरा माहौल 'जब तक सूरज चांद रहेगा, खंडूड़ी जी का नाम रहेगा' के नारों से गुंजायमान हो उठा। इसके बाद देश की रक्षा में दशकों गुजारने वाले इस फौजी अफसर को सेना और उत्तराखंड पुलिस की टुकड़ियों ने पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर अंतिम सलामी दी। घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
देश और राज्य के लिए अपूरणीय क्षति: सीएम धामी
अंतिम संस्कार के समय घाट पर मौजूद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा:
"मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी जी का चले जाना उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। चाहे सेना की सेवा हो, केंद्र सरकार में मंत्री का दायित्व या फिर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का पद, उन्होंने हर जगह पारदर्शिता, कड़े अनुशासन और ईमानदारी की एक नई मिसाल पेश की। एक अभिभावक के रूप में उनकी कमी हमें जीवनभर खलेगी और उनका सुशासन हमेशा हमारे लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा।"
सादगी और सुशासन के रोल मॉडल थे खंडूड़ी: मनोहर लाल खट्टर
केंद्र सरकार की ओर से दुख जताने पहुंचे केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी जनरल खंडूड़ी के योगदान को याद किया। खट्टर ने कहा कि खंडूड़ी जी का पूरा जीवन सादगी और ईमानदारी का एक जीवंत उदाहरण था। उन्होंने उत्तराखंड में लोकपाल जैसे कड़े कानून और प्रशासनिक सुधारों को लागू कर देश में सुशासन की एक नई नींव रखी थी, जिसे इतिहास हमेशा याद रखेगा।
घाट पर जुटे राजनीतिक और आध्यात्मिक जगत के दिग्गज
इस ऐतिहासिक और दुखद विदाई के क्षण पर उत्तराखंड के इतिहास में संभवतः पहली बार इतनी बड़ी संख्या में दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। जनरल खंडूड़ी को नमन करने के लिए महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल व पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और तीरथ सिंह रावत विशेष तौर पर पहुंचे।
इनके अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट, उत्तराखंड कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और विधायक प्रदीप बत्रा व खजान दास सहित बड़ी संख्या में साधु-संतों और जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत आत्मा को पुष्पांजलि अर्पित की।