रिश्तों और विश्वास का कत्ल: बीमार पति की जमीन हड़पी, मौत के बाद विधवा को दी खौफनाक धमकी
May 15, 2026 2:20 PM
अंबाला । अंबाला के नारायणगढ़ इलाके के गांव लखनौरा से धोखाधड़ी और दबंगई का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक शातिर दंपती ने गांव के ही एक ऐसे शख्स को अपना शिकार बनाया, जो लंबे समय से शारीरिक और मानसिक बीमारी से जूझ रहा था। आरोपी ने पहले तो बीमारी की आड़ में नजदीकी बढ़ाई और फिर साजिश रचकर उसकी लाखों रुपये की कृषि भूमि अपने नाम ट्रांसफर करवा ली। इस खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब पीड़ित की मौत हो गई और आरोपी दबंगई के बल पर जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। नारायणगढ़ पुलिस ने अब पीड़ित महिला की शिकायत पर आरोपी दंपती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश का पहिया आगे बढ़ा दिया है।
कागजों में हुआ 13.50 लाख का 'फर्जी' खेल
लखनौरा निवासी पीड़िता रेखा रानी ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनके दिवंगत पति गुरमीत सिंह काफी समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे, जिसका फायदा उठाकर गांव के ही नरेश कुमार ने उनसे नजदीकियां बढ़ा लीं। आरोप है कि 14 जून 2023 को नरेश ने गुरमीत की इस दिमागी हालत का फायदा उठाते हुए 4 कनाल 6 मरले जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। शातिरता की हद देखिए कि सरकारी दस्तावेजों में दो चेकों के जरिए 13 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान करना दिखाया गया। रेखा रानी का दावा है कि उनके पति का एकमात्र बैंक खाता हरियाणा ग्रामीण बैंक में था, जिसमें कभी यह रकम ट्रांसफर ही नहीं हुई। यानी बिना किसी वास्तविक लेनदेन के सिर्फ फर्जी चेक नंबरों के सहारे इस पूरी रजिस्ट्री को अंजाम दे दिया गया।
मौत का इंतजार और फिर खेत पर कब्जे की कोशिश
इस पूरी कहानी में आरोपियों की नीयत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब तक गुरमीत सिंह जीवित थे, तब तक आरोपी पूरी तरह शांत रहे। 6 फरवरी 2026 को जब गुरमीत की बीमारी के कारण मौत हो गई, तो उसके करीब दो महीने बाद आरोपी नरेश कुमार अपनी पत्नी गीता देवी और कुछ बाहरी गुंडों को लेकर खेत पर धमक गया। आरोपियों ने वहां जबरन कब्जा करने की कोशिश की। जब रेखा रानी और उनके बेटे ने इस बात का कड़ा विरोध किया, तो आरोपियों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। उन्होंने विधवा महिला और उसके बेटे को धमकी दी कि अगर जमीन पर दोबारा पैर रखा, तो उन्हें जान से मारकर इसी खेत की मिट्टी में दफन कर देंगे।
पटवारी के रिकॉर्ड से खुली पोल, पुलिस ने कसा शिकंजा
खौफजदा परिवार ने जब इस धमकी के बाद हिम्मत जुटाई और हलका पटवारी के दफ्तर जाकर जमीन के कागजात और खतौनी की जांच करवाई, तब जाकर उनके होश उड़ गए। सरकारी रिकॉर्ड में जमीन सचमुच नरेश कुमार के नाम दर्ज हो चुकी थी। इसके बाद पीड़िता ने न्याय के लिए पुलिस का रुख किया। नारायणगढ़ थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी नरेश कुमार और उसकी पत्नी गीता देवी के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने की संगीन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है ताकि इस फर्जी चेक वाले दावे की हकीकत को कोर्ट के सामने लाया जा सके।