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सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट: चांदी एक दिन में 19 हजार रुपए टूटी, सोना 3,000 रुपए टूटकर 1.58 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंचा

May 15, 2026 3:27 PM

देश में सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार 15 मई को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार एक किलो चांदी की कीमत में 19,693 रुपए की कमी आई है, जिसके बाद इसका भाव 2.68 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को चांदी 2.87 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर थी। वहीं 24 कैरेट सोने की कीमत भी 3,000 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम रह गई। कीमती धातुओं की कीमतों में आई इस गिरावट ने निवेशकों और ज्वेलरी कारोबारियों का ध्यान खींचा है। जनवरी 2026 में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद अब सोना और चांदी दोनों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू मांग में बदलाव के कारण कीमतों में तेजी से बदलाव हो रहा है।

ऑल टाइम हाई से काफी नीचे आया सोना

सोने की कीमतें इस साल की शुरुआत में लगातार तेजी पर थीं। 31 दिसंबर 2025 को सोना करीब 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। इसके बाद 29 जनवरी 2026 को यह बढ़कर 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था।

अब मौजूदा समय में सोना उस रिकॉर्ड स्तर से करीब 17,962 रुपए सस्ता होकर 1.58 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। निवेशकों के लिए यह गिरावट महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में सोना लगातार सुरक्षित निवेश विकल्प माना जा रहा था।

चांदी में सबसे बड़ी गिरावट

सोने के मुकाबले चांदी में ज्यादा तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था, जो 29 जनवरी 2026 को बढ़कर 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद पिछले 106 दिनों में चांदी की कीमत में भारी गिरावट दर्ज हुई और यह करीब 1.18 लाख रुपए टूटकर अब 2.68 लाख रुपए प्रति किलो रह गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी का असर चांदी की कीमतों पर ज्यादा दिखाई दे रहा है।

पीएम मोदी ने सोना न खरीदने की अपील की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कर्नाटक और तेलंगाना की सभाओं में लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि एक समय देशहित में लोग सोना दान कर देते थे, लेकिन अब जरूरत विदेशी मुद्रा बचाने की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि लोग कुछ समय तक सोने की खरीद कम करते हैं तो इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार बचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने इसे देशभक्ति से जोड़ते हुए कहा कि भारत को आयात पर निर्भरता कम करनी होगी।

भारत 99% सोना विदेशों से खरीदता है

भारत अपनी जरूरत का लगभग 99 प्रतिशत सोना विदेशों से आयात करता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात बिल करीब 6.4 लाख करोड़ रुपए रहा। विदेशों से खरीदे जाने वाले सामान में सोना दूसरे सबसे बड़े आयात के रूप में शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की ज्यादा खरीद से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है। ऐसे में सरकार लगातार घरेलू निवेश और आयात नियंत्रण के विकल्पों पर जोर दे रही है। आने वाले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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