टोहाना में ACB की बड़ी रेड: 50 हजार की रिश्वत लेते पटवारी उमेद बुरा गिरफ्तार
May 15, 2026 4:04 PM
फतेहाबाद। फतेहाबाद जिले के टोहाना में सरकारी तंत्र में बैठे भ्रष्टाचार के 'दीमक' पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय में तैनात पटवारी उमेद बुरा को एसीबी अंबाला की टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई डीएसपी ओमप्रकाश नैन के नेतृत्व में अंजाम दी गई। पटवारी की गिरफ्तारी के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया और कई अन्य कर्मचारी आनन-फानन में मौके से खिसकते नजर आए।
रजिस्ट्री का 'रेट' फिक्स: 50 हजार मांगे तो पीड़ित ने मिला दिया विजिलेंस को फोन
दरअसल, भ्रष्टाचार का यह खेल गांव पारता निवासी कपिल की शिकायत के बाद बेनकाब हुआ। कपिल ने एसीबी को बताया था कि पटवारी उमेद बुरा शामलात जमीन की रजिस्ट्री करवाने के नाम पर लगातार उन पर दबाव बना रहा था और बिना 50 हजार रुपये लिए काम करने को तैयार नहीं था। कपिल ने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय इसकी सूचना विजिलेंस टीम को देना बेहतर समझा। शिकायत मिलते ही अंबाला एसीबी ने एक पुख्ता रणनीति तैयार की ताकि आरोपी को भागने या सबूत मिटाने का मौका न मिले।
रंगे हाथों पकड़ने का 'केमिकल टेस्ट': पानी में हाथ डालते ही लाल हो गए हाथ
विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाते हुए शिकायतकर्ता कपिल को फिनोलफथलीन पाउडर लगे हुए नोट दिए। जैसे ही कपिल ने बीडीपीओ ऑफिस पहुंचकर पटवारी उमेद बुरा को रिश्वत के पैसे थमाए, इशारा मिलते ही पहले से तैनात एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। जब पटवारी के हाथ सादे पानी में धुलवाए गए, तो पानी का रंग तुरंत गुलाबी (लाल) हो गया, जो इस बात का पक्का वैज्ञानिक प्रमाण था कि उसने रिश्वत के पैसों को छुआ है।
रिकॉर्ड खंगालने में जुटी टीम, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
गिरफ्तारी के तुरंत बाद एसीबी की टीम ने पटवारी उमेद बुरा के केबिन और उसके पास मौजूद सरकारी फाइलों की गहनता से तलाशी ली। टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वह पहले भी इस तरह की वसूली में शामिल रहा है या इस खेल में विभाग के कुछ और 'बड़े खिलाड़ी' भी पर्दे के पीछे से शामिल हैं। फिलहाल आरोपी पटवारी को हिरासत में लेकर आगामी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टोहाना इलाके में इस कार्रवाई की काफी चर्चा है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।