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15 मुकदमों का आरोपी और यमुनानगर पुलिस आमने-सामने, 25 फुट ऊंचाई से गिरने पर टूटी टांग

May 15, 2026 3:20 PM

यमुनानगर। यमुनानगर के आत्मापुरी कॉलोनी में बुधवार की रात करीब 11 बजे जो कुछ हुआ, उसने पुलिस महकमे से लेकर स्थानीय लोगों तक के होश उड़ा दिए। हमीदा पुलिस चौकी के तहत आने वाली खेड़े वाली गली उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गई, जब पुलिस टीम 15 मुकदमों के हिस्ट्रीशीटर विक्रांत उर्फ बग्गा को पकड़ने पहुंची। इसके बाद जो ड्रामा शुरू हुआ, उसने अब एक नए कानूनी और प्रशासनिक विवाद का रूप ले लिया है। बग्गा फिलहाल सिविल अस्पताल के वार्ड में भर्ती है, जहां उसकी टूटी हुई टांग पर प्लास्टर चढ़ा है और दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप मढ़ते हुए आमने-सामने आ गए हैं।

"पिस्तौल-चाकू लेकर खड़ा था बग्गा, टोकने पर बरसाईं ईंटें" - पुलिस की कहानी

हमीदा चौकी में तैनात एएसआई राजेंद्र सिंह ने दर्ज कराए मामले में बताया कि वे रात के वक्त गश्त पर थे, तभी मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि बग्गा अपने कुछ लड़कों के साथ हनुमान मंदिर के पास किसी आसिफ उर्फ पाची नामक युवक पर जानलेवा हमला करने की ताक में है। पुलिस की सरकारी गाड़ी देखते ही बदमाश तितर-बितर हो गए और बग्गा भागकर अपने घर में घुस गया। एएसआई के मुताबिक, जब उन्होंने बग्गा को सुबह चौकी आने की हिदायत दी, तो वह अपनी मां और बहन के सामने ही उग्र हो गया। देखते ही देखते वह छत पर चढ़ा और नीचे खड़ी पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ ईंटें फेंकने लगा, जिससे बचने के लिए पुलिसकर्मियों को छिपना पड़ा। अतिरिक्त फोर्स (डायल-112) बुलाने के बाद भी उसका तांडव जारी रहा।

पीछे की गली में गिरा मिला बदमाश, पुराना है हमलों का नाता

पुलिस के अनुसार, जब बग्गा छत के पिछले हिस्से की तरफ भागा और पुलिस टीम उसे घेरने के लिए पीछे की गली में पहुंची, तो वह जमीन पर लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। पुलिस का दावा है कि वह हड़बड़ाहट में खुद छत से नीचे कूदा या गिरा है। पुलिस टीम ने ही उसे गाड़ी में डालकर अस्पताल पहुंचाया। राजेंद्र सिंह ने बताया कि बग्गा मामूली अपराधी नहीं है; वह पहले भी हमीदा पुलिस चौकी को आग लगाने की कोशिश और पुलिस पार्टी पर सीधे हमले जैसी दुस्साहसिक वारदातों में शामिल रहा है। सरकारी काम में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी की धाराओं के तहत उस पर एक और एफआईआर जड़ दी गई है।

"मुझे फंसाने के लिए पुलिस ने छत से नीचे फेंका" - आरोपी का बयान

अस्पताल के बेड से इस पूरी कहानी का दूसरा पहलू सामने आया है। आरोपी विक्रांत उर्फ बग्गा ने पुलिस के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "मैंने एक भी पत्थर नहीं चलाया। पुलिस पुराने मामलों को लेकर मेरे पूरे परिवार को परेशान कर रही है।" बग्गा का आरोप है कि 13 मई की रात पुलिस उसके घर में जबरन घुसी और उसकी मां-बहन से बदसलूकी की। डर के मारे जब वह छत पर गया, तो पुलिसकर्मी उसका पीछा करते हुए ऊपर तक आ गए और उसे करीब 25 फीट की ऊंचाई से सीधे नीचे धक्का दे दिया। बग्गा का कहना है कि पुलिस अपनी इस हैवानियत को छिपाने के लिए अब पथराव की झूठी कहानी गढ़ रही है, जिसकी शिकायत वह उच्चाधिकारियों से करेगा।

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