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अंबाला में आंधी का कहर: पेट्रोल पंप पर गिरे 4 बिजली के खंभे, बस स्टैंड पर छाया अंधेरा

May 15, 2026 12:35 PM

अंबाला । अंबाला और इसके आसपास के इलाकों में बुधवार रात मौसम ने ऐसा यू-टर्न लिया कि चंद मिनटों की तेज आंधी ने पूरे प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी। आंधी की रफ्तार इतनी भयानक थी कि अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे पर स्थित नन्हेड़ा पेट्रोल पंप के पास बिजली के चार खंभे अचानक जमींदोज हो गए। गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह पोल गिरे, वहां मौजूद एक बाइक सवार बाल-बाल बच गया, वरना कोई बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। लापरवाही का आलम यह रहा कि गुरुवार शाम तक ये भारी-भरकम खंभे पंप परिसर में ही पड़े रहे, जिससे वहां आने वाले वाहनों के लिए खतरा बना रहा।

सीसीटीवी बंद, अंधेरे में डूबा रहा बस स्टैंड

इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा असर अंबाला छावनी बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था पर देखने को मिला। परिसर में दो विशालकाय पेड़ उखड़कर सीधे बिजली के तारों पर जा गिरे। इसका नतीजा यह हुआ कि बस स्टैंड की निगरानी करने वाले 24 कैमरों में से 21 सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह बंद हो गए। अगले दिन शाम तक पूरी सुरक्षा राम भरोसे ही चलती रही। वहीं दूसरी तरफ, अंबाला सिटी बस स्टैंड की कहानी भी अलग नहीं थी। यहां बिजली गुल होने से डिपो में खड़ीं इलेक्ट्रिक बसें चार्ज ही नहीं हो पाईं, जिसके चलते गुरुवार सुबह कई रूटों पर परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

सड़कों पर बिछ गए पेड़, थमी जिंदगी

लॉरेंस रोड पर सिसिल कॉन्वेंट स्कूल के ठीक बाहर और मुख्य डाकखाने के पीछे दो भारी पेड़ बीच सड़क पर आ गिरे। इससे न केवल यातायात पूरी तरह ठप हो गया, बल्कि बिजली की लाइनें भी मलबे में दब गईं। गुरुवार सुबह 11 बजे जब प्रशासन की नींद खुली, तब जाकर पेड़ों को काटकर रास्ते से हटाया गया और आवागमन सुचारू हो सका। हालांकि, लाइनों को ठीक करने में अमले को पसीने छूट गए और शाम तक इलाके में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी रही।

न बत्ती, न पानी; गर्मी में उबले लोग

आंधी का सबसे दर्दनाक पहलू छावनी के सेक्टर-32 और आशियाना कॉलोनी में देखने को मिला। यहां बुधवार की रात से जो बिजली कटी, वह गुरुवार देर शाम तक बहाल नहीं हो सकी। बिजली न होने का सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ा। पब्लिक हेल्थ के ट्यूबवेल शोपीस बनकर रह गए, जिससे तपती गर्मी के बीच हजारों लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसते नजर आए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली निगम के टोल-फ्री नंबरों पर शिकायत करने के बावजूद घंटों तक कोई सुनवाई नहीं हुई।


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