Rajasthan News: जोधपुर में ससुर की मौत के सदमे में बहू ने भी दम तोड़ा, ससुर की अर्थी निकलते ही हुआ ब्रेन हेमरेज
May 15, 2026 1:24 PMजोधपुर: राजस्थान के जोधपुर जिले के बासनी मनणा गांव में एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार में दो दिन के भीतर ससुर और बहू की मौत होने से पूरे गांव में शोक का माहौल है। 95 वर्षीय अमृतसिंह का 11 मई की शाम बीमारी के चलते निधन हो गया था। उनके निधन का सदमा उनकी 47 वर्षीय बहू मंजू कंवर सहन नहीं कर सकीं। परिवार के लोगों के अनुसार ससुर की मौत के करीब दो घंटे बाद उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ। गंभीर हालत में उन्हें जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां 12 मई की दोपहर इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। लगातार दो दिनों तक एक ही घर से अर्थी निकलने से गांव के लोग भी भावुक हो उठे।
ससुर की मौत के बाद बिगड़ी तबीयत
बासनी मनणा गांव निवासी अमृतसिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। 11 मई की शाम करीब छह बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद घर में शोक का माहौल था। परिवार के सदस्यों के मुताबिक मंजू कंवर अपने ससुर से बेहद जुड़ी हुई थीं और उनकी मौत के बाद लगातार रोती रहीं। परिजनों ने बताया कि अमृतसिंह की मौत के बाद मंजू कंवर की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। कुछ ही देर बाद उन्हें तेज सिरदर्द और बेचैनी की शिकायत हुई। हालत गंभीर होने पर परिवार के लोग उन्हें तुरंत जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने ब्रेन हेमरेज की पुष्टि की।
12 मई की सुबह परिवार ने अमृतसिंह की अंतिम यात्रा निकाली और उनका अंतिम संस्कार किया। गांव के लोग और रिश्तेदार अभी इस दुख से उबर भी नहीं पाए थे कि दोपहर में हॉस्पिटल से मंजू कंवर के निधन की खबर आ गई। इस खबर के बाद परिवार में फिर से मातम छा गया। 13 मई को मंजू कंवर की अंतिम यात्रा निकाली गई। गांव के लोगों का कहना है कि लगातार दो दिनों तक एक ही घर से अर्थी निकलना पूरे इलाके के लिए बेहद भावुक कर देने वाला दृश्य था। ग्रामीण बड़ी संख्या में परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
पिता की तरह करती थीं सेवा
परिवार और गांव के लोगों ने बताया कि मंजू कंवर अपने ससुर की बेटी की तरह देखभाल करती थीं। दोनों के बीच पिता-पुत्री जैसा स्नेह था। अमृतसिंह की बीमारी के दौरान मंजू कंवर उनकी हर जरूरत का ध्यान रखती थीं और सेवा में कभी कोई कमी नहीं छोड़ती थीं। ग्रामीणों के अनुसार मंजू कंवर स्वभाव से मिलनसार थीं और गांव के लोगों के साथ भी आत्मीय व्यवहार रखती थीं। परिवार का कहना है कि ससुर की मौत के बाद वह लगातार मानसिक तनाव में थीं और इसी सदमे ने उनकी जान ले ली।
पाली में मायके पक्ष में भी शोक
मंजू कंवर का पीहर पाली जिले के धुरासनी गांव में है। उनके भाई नारायण सिंह और राजेंद्र सिंह पाली शहर के सुंदर नगर में रहते हैं। बहन की अचानक मौत की खबर मिलने के बाद पूरा मायका पक्ष भी गहरे सदमे में है। परिवार के लोगों का कहना है कि दो दिन पहले तक मंजू कंवर से सामान्य बातचीत हो रही थी और किसी को अंदाजा नहीं था कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। रिश्तेदारों और परिचितों का लगातार परिवार के घर पहुंचना जारी है।
मंजू कंवर के भाई राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा 24 वर्षीय श्याम सिंह जयपुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करता है, जबकि 22 वर्षीय समरसिंह पाली के एक निजी स्कूल में मैनेजमेंट संभालता है। दोनों बेटों की शादी नवंबर 2026 में तय थी और परिवार शादी की तैयारियों को लेकर चर्चा कर रहा था। मंजू कंवर भी शादी की तैयारियों में सक्रिय थीं। परिवार ने बताया कि घर में खुशियों की तैयारी चल रही थी, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को भीतर तक तोड़ दिया।