गुरुग्राम मेट्रो: 11 हजार वर्ग मीटर जमीन की खरीद शुरू, पिलर निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
May 15, 2026 1:15 PM
गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम के पुराने इलाके को मेट्रो से जोड़ने की मुहिम अब फाइलों से निकलकर धरातल पर उतर आई है। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट के पहले चरण को रफ्तार देने के लिए भूमि अधिग्रहण विभाग ने कमर कस ली है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) की डिमांड पर विभाग ने कन्हई, इस्लामपुर और बसई गांव के जमीन मालिकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। कुल मिलाकर करीब 11 हजार वर्ग मीटर जमीन की खरीद की जानी है, जिसका इस्तेमाल मेट्रो स्टेशन बनाने और पिलर खड़े करने के लिए होगा। हालांकि, नोटिस मिलने के साथ ही कुछ जमीन मालिकों ने अपनी आपत्तियां दर्ज करानी शुरू कर दी हैं, जिनका निपटारा विभाग को जल्द करना होगा।
कागजी पेच: जमीन का टुकड़ा छोटा, लेकिन मालिक हैं दर्जनों
इस अधिग्रहण प्रक्रिया में सबसे दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण पहलू मालिकाना हक का है। राजस्व विभाग के सर्वे में सामने आया है कि बसई गांव में मात्र साढ़े 43 मीटर के एक छोटे से जमीन के टुकड़े के लिए 34 हिस्सेदार मौजूद हैं। इसी तरह, इस्लामपुर में 2759 वर्ग मीटर जमीन के 21 मालिक हैं, तो कन्हई में 3637 वर्ग मीटर जमीन के लिए 38 लोगों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इतने ज्यादा हिस्सेदारों की वजह से मुआवजा वितरण और कागजी औपचारिकताओं को पूरा करना प्रशासन के लिए किसी टेढ़ी खीर से कम नहीं है।
बख्तावर चौक पर दिखेगा इंजीनियरिंग का कमाल, फ्लाईओवर के ऊपर दौड़ेगी मेट्रो
प्रोजेक्ट की डिजाइन को लेकर भी एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बख्तावर चौक पर यातायात के दबाव को देखते हुए वहां एक विशेष फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। खास बात यह है कि मेट्रो इस फ्लाईओवर के ऊपर से गुजरेगी। केंद्रीय शहरी एवं आवास मंत्रालय ने GMRL के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। अब अंतिम मंजूरी के लिए इसे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता वाली जीएमडीए (GMDA) की आगामी बैठक में रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही फ्लाईओवर और मेट्रो ट्रैक के इस 'डबल डेकर' मॉडल पर काम शुरू हो जाएगा।
निर्माण कार्य ने पकड़ी गति, पिलर खड़े होने से बढ़ी उम्मीदें
ग्राउंड जीरो की बात करें तो नेताजी सुभाष चंद्र बोस मार्ग पर मेट्रो का ढांचा आकार लेने लगा है। यहां अब तक 12 पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 30 अन्य पिलरों पर काम युद्धस्तर पर चल रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मेट्रो आने से ओल्ड गुरुग्राम और न्यू गुरुग्राम के बीच की दूरी कम होगी और रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही स्टेशनों के सिविल वर्क का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।