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हरियाणा सिख कमेटी की झोली में आई मीरी-पीरी कॉलेज की जीत, 24 मई को सिरसा में सजेगा शुक्राना समागम

May 15, 2026 12:50 PM

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र और पूरे हरियाणा के सिख समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज मामले की कानूनी जंग आखिरकार हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पक्ष में खत्म हुई है। हाईकोर्ट से मिली इस बड़ी राहत के बाद पंचकूला स्थित गुरुद्वारा पातशाही दसवीं नाडा साहिब में एक विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। इस मौके पर हरियाणा कमेटी के पदाधिकारियों, सदस्यों और भारी संख्या में जुटी सिख संगत ने पूर्व प्रधान जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल को इस जीत का मुख्य सूत्रधार बताते हुए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।

"मिशन की तरह लड़ी गई यह कानूनी जंग"

सम्मान समारोह के दौरान शिरकत करने पहुंचे सिख नेताओं और संगतों ने एक सुर में कहा कि मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज का मामला लंबे समय से अधर में लटका हुआ था। जत्थेदार दादूवाल ने अपने कार्यकाल से लेकर अब तक दृढ़ संकल्प और पूरी कानूनी बारीकियों के साथ इस केस की पैरवी की। वक्ताओं ने कहा कि यह दादूवाल की दूरदर्शिता का ही नतीजा है कि आज हाईकोर्ट ने हरियाणा कमेटी के हक में फैसला सुनाया, जिससे प्रदेश की सिख संगत की बरसों पुरानी मुराद पूरी हुई है।

24 मई को सिरसा में सजेगा शुक्राना समागम

इस बड़ी कामयाबी पर जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने गुरु घर का आभार जताते हुए घोषणा की कि इस ऐतिहासिक जीत की खुशी में आगामी 24 मई को गुरुद्वारा गुरु ग्रंथसर दादू साहिब, सिरसा में एक विशाल 'शुकराना समागम' का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश की समस्त सिख संगत से इस समागम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए दादूवाल ने कहा कि अब कोर्ट का रास्ता साफ हो चुका है, इसलिए कमेटी का अगला कदम हरियाणा सरकार के साथ तालमेल बिठाकर जल्द से जल्द जरूरी कागजी औपचारिकताएं (NOC) पूरी करना है ताकि यहां मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जा सकें।

पंथक नेताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति

गुरुद्वारा नाडा साहिब में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध, सीनियर मीट प्रधान सरदार गुरमीत सिंह रामसर कालका और जूनियर मीट प्रधान सरदार गुरबीर सिंह तलाकौर विशेष रूप से शामिल हुए। इनके अलावा अंतरंग सदस्य सरदार जगतार सिंह मान, तेजिंदरपाल सिंह नारनौल, जत्थेदार बलदेव सिंह हाबड़ी, शाहाबाद मारकंडा से सदस्य बीबी करतार कौर और सरदार दीदार सिंह नलवी सहित कई प्रमुख पंथक चेहरे मौजूद रहे, जिन्होंने इस जीत को हरियाणा के सिख इतिहास का एक अहम मोड़ बताया।


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