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अवैध लिंग जांच पर अंबाला में रेड: घंटों सड़कों पर घुमाते रहे आरोपी, तलाशी में खाली हाथ रही टीम

Apr 18, 2026 10:40 AM

अंबाला। हरियाणा में लिंगानुपात सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी के बावजूद भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह नए-नए पैंतरे आजमा रहे हैं। ताजा मामला अंबाला का है, जहां पीएनडीटी (PNDT) टीम ने उत्तर प्रदेश से आए एक गिरोह को दबोचने के लिए जाल बिछाया था। सूचना थी कि यूपी का एक युवक पोर्टेबल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीन के जरिए गर्भवती महिलाओं की अवैध जांच कर रहा है। पुख्ता इनपुट के आधार पर विभाग ने डिकॉय ऑपरेशन की प्लानिंग की, लेकिन ऑपरेशन के अंत में जो हुआ उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।

डिकॉय ग्राहक के जरिए हुई थी सौदेबाजी, घंटों तक चलता रहा लुका-छिपी का खेल

स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने एक महिला को नकली मरीज (डिकॉय) बनाकर संदिग्धों से संपर्क साधा। सौदा तय होने के बाद गिरोह ने महिला को बुला लिया। टीम सादे कपड़ों में दूर से हर हरकत पर नजर रखे हुए थी। शातिर आरोपी डिकॉय महिला को लेकर सीधे किसी ठिकाने पर जाने के बजाय उसे काफी देर तक अंबाला की सड़कों पर घुमाते रहे, ताकि यह सुनिश्चित कर सकें कि कोई उनका पीछा तो नहीं कर रहा। अंत में वे उसे वापस अंबाला के ही एक स्थान पर ले आए, जहां टीम ने मौका मिलते ही घेराबंदी कर दी।

छापेमारी में अधिकारी रह गए दंग, मौके से गायब मिली पोर्टेबल मशीन

जैसे ही पीएनडीटी टीम ने संदिग्धों को दबोचा, अधिकारियों को उम्मीद थी कि मौके से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद होगी। लेकिन जब तलाशी ली गई तो वहां कुछ नहीं मिला। न तो कोई मशीन और न ही लिंग जांच से जुड़ा कोई अन्य उपकरण। अधिकारियों का अंदेशा है कि या तो गिरोह को आखिरी वक्त पर टीम की भनक लग गई थी, या फिर वे किसी ऐसी तकनीक या शातिर तरीके का इस्तेमाल कर रहे थे जिसे पकड़ पाना आसान नहीं था।

जांच के घेरे में संदिग्ध, विभाग की पैनी नजर

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भले ही इस बार मशीन बरामद नहीं हुई, लेकिन गिरोह के सक्रिय होने की सूचना एकदम सटीक थी। पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है कि आखिर उन्होंने मशीन कहां छिपाई या वे किस तरह से इस काले धंधे को अंजाम दे रहे थे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोख के कातिलों के खिलाफ अभियान थमेगा नहीं और संदिग्धों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस नाकाम रहे ऑपरेशन के बाद अब विभाग अपनी रणनीति में बदलाव करने की तैयारी में है।

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