नशा तस्करों पर आईजी पंकज नैन का बड़ा प्रहार, अंबाला में 30 क्विंटल मादक पदार्थ किया नष्ट
May 08, 2026 2:19 PM
अंबाला। हरियाणा में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा और कस दिया है। अंबाला रेंज पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 436 एनडीपीएस (NDPS) मामलों में जब्त किए गए करीब 30 क्विंटल मादक पदार्थों को नष्ट कर दिया। अंबाला के भड़ोग में आयोजित इस प्रक्रिया की कमान खुद रेंज के आईजी पंकज नैन (IPS) ने संभाली। इस दौरान अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर के पुलिस कप्तान भी मौके पर मौजूद रहे, जो तस्करों को एक सीधा और सख्त संदेश है।
करोड़ों की खेप हुई राख, तस्करों की संपत्तियां भी होंगी कुर्क
पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भारी मात्रा में मादक पदार्थों का वजन कराया और फिर उन्हें नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की। मीडिया से रूबरू होते हुए आईजी पंकज नैन ने दोटूक कहा कि पुलिस का काम सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग नशे के काले कारोबार से काली कमाई कर रहे हैं और आलीशान संपत्तियां खड़ी कर रहे हैं, पुलिस अब उनकी प्रॉपर्टी अटैच (कुर्क) करने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है। पिछले एक साल में यह तीसरा बड़ा मौका है जब पुलिस ने इतनी बड़ी मात्रा में नशे की खेप को ठिकाने लगाया है।
"पशु भी नहीं खाते इसे..." - आईजी ने युवाओं को दी नसीहत
आईजी पंकज नैन ने समाज में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अक्सर मीडिया में इन नशीले पदार्थों की कीमत करोड़ों में बताई जाती है, लेकिन असलियत में इसकी कोई कीमत नहीं है। आईजी के शब्दों में, "यह इतनी घटिया चीज है जिसे पशु भी नहीं खाते, तो इंसान इसे क्यों अपना रहे हैं?" उन्होंने हरियाणा की पहचान खेलों और मेहनत से जोड़ते हुए युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा शिक्षा और मैदान में लगाएं, न कि नशे की गर्त में।
तीन जिलों में पुलिस का 'क्लीन स्वीप' अभियान
अंबाला रेंज के तहत आने वाले तीनों जिलों—अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में पुलिस अब 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रही है। आईजी ने स्पष्ट किया कि पिछले छह महीनों के दौरान पकड़े गए नशे को इस अभियान के तहत खत्म किया गया है। पुलिस का लक्ष्य समाज को नशामुक्त बनाना है और इसके लिए जनता का सहयोग भी मांगा गया है। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि हरियाणा की धरती पर नशे का कारोबार करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है।