कुरुक्षेत्र के संगमेश्वर महादेव मंदिर में राज्य स्तरीय सोमनाथ पर्व, सीएम नायब सैनी करेंगे शिरकत
May 08, 2026 4:23 PM
कुरुक्षेत्र। धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पावन धरा एक बार फिर एक बड़े धार्मिक उत्सव की गवाह बनने जा रही है। पिहोवा के निकट गांव अरुणाय स्थित ऐतिहासिक संगमेश्वर महादेव मंदिर में आगामी 11 मई को प्रदेश स्तरीय 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन किया जाएगा। सोमनाथ मंदिर की स्थापना और उसकी अखंड आस्था के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। इस आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है और डीसी विश्राम कुमार मीणा ने खुद तैयारियों का मोर्चा संभाला है।
1000 वर्ष की अखंड आस्था: देशभर में स्मरणोत्सव
डीसी विश्राम कुमार मीणा ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। यह उत्सव केवल एक दिन का नहीं, बल्कि 11 जनवरी 2027 तक पूरे एक साल चलेगा। डीसी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर महज एक धार्मिक ढांचा नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। यही कारण है कि कला एवं संस्कृति विभाग हरियाणा के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं, जिसकी मुख्य कड़ी अरुणाय मंदिर का यह कार्यक्रम होगा।
पीएम मोदी का संबोधन और मंदिरों में उत्सव का माहौल
11 मई का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर परिसर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। कुरुक्षेत्र के संगमेश्वर महादेव मंदिर सहित प्रदेश के तमाम बड़े शिवालयों में प्रधानमंत्री के संबोधन के लाइव प्रसारण की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन का अनुमान है कि इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि उत्सव में आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
कलश यात्रा और भजन-कीर्तन से गूंजेगी धर्मनगरी
उत्सव की रूपरेखा साझा करते हुए डीसी ने बताया कि केवल अरुणाय ही नहीं, बल्कि जिले के अन्य प्रमुख मंदिरों को भी दुल्हन की तरह सजाया जाएगा। इस मौके पर भव्य कलश यात्राएं निकाली जाएंगी और भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्तिमय माहौल तैयार किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए भंडारों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की मंशा है कि इस आयोजन के जरिए नई पीढ़ी को अपनी महान सांस्कृतिक धरोहर और सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया जाए। गांवों और शहरों में प्रभात फेरियों और धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए इस 'स्वाभिमान पर्व' को जन-आंदोलन बनाने की तैयारी है।