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हरियाणा में 10 मई को सरकारी छुट्टी का ऐलान: इन कर्मचारियों को मिलेगा वेतन सहित अवकाश

May 08, 2026 3:45 PM

हरियाणा।  हरियाणा के चुनावी रण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। आगामी 10 मई को होने वाले शहरी स्थानीय निकायों के आम चुनाव और उपचुनावों के मद्देनजर सरकार ने संबंधित क्षेत्रों में 'सवैतनिक अवकाश' (Paid Holiday) की घोषणा की है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह छुट्टी इसलिए दी गई है ताकि कोई भी मतदाता वोट डालने के अधिकार से वंचित न रहे।

इन शहरों और नगर निगमों में थमेगा कामकाज

चुनाव आयोग और सरकार के निर्देशों के तहत 10 मई को अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगमों में मेयर और पार्षदों के लिए मतदान होना है। इसके अलावा रेवाड़ी नगर परिषद के साथ-साथ सांपला (रोहतक), धारूहेड़ा (रेवाड़ी) और उकलाना (हिसार) नगर पालिकाओं में भी अध्यक्ष और पार्षदों के लिए वोट डाले जाएंगे।

सिर्फ आम चुनाव ही नहीं, बल्कि प्रदेश के 6 रिक्त वार्डों में उपचुनाव के लिए भी इसी दिन वोटिंग होगी। इनमें टोहाना, झज्जर, राजौंद, तरावड़ी, कनीना और सढौरा के विशिष्ट वार्ड शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए दफ्तरों से छुट्टी मिलेगी।

प्राइवेट सेक्टर और फैक्ट्रियों पर भी लागू होगा नियम

सरकार ने साफ कर दिया है कि यह अवकाश केवल सरकारी दफ्तरों, बोर्डों और निगमों तक सीमित नहीं रहेगा। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135-B के तहत हरियाणा में स्थित तमाम कारखानों, दुकानों, निजी प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों को भी इस आदेश का पालन करना होगा। यदि कोई कर्मचारी इन चुनावी क्षेत्रों का पंजीकृत मतदाता है, तो उसे वोट डालने के लिए बाकायदा वेतन सहित छुट्टी देनी अनिवार्य होगी।

अधिसूचना के मुताबिक, शैक्षणिक संस्थानों में भी उस दिन अवकाश रहेगा। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से मतदान प्रतिशत में इजाफा होगा और लोग बिना किसी आर्थिक नुकसान के डर के लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा ले सकेंगे।

उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई निजी संस्थान या फैक्ट्री मालिक अपने कर्मचारियों को वोट डालने के लिए छुट्टी देने से मना करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। लेबर विभाग को भी इस संबंध में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अपना मतदाता पहचान पत्र या आधार कार्ड जैसे वैकल्पिक दस्तावेज साथ रखें, हालांकि वोटिंग के लिए पहचान सुनिश्चित करना ही मुख्य उद्देश्य है।

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