अंबाला में अवैध बसों पर आरटीए का डंडा: 14 लाख का जुर्माना और अब सीधे दर्ज होगी FIR
Apr 08, 2026 2:00 PM
अंबाला। अंबाला की सड़कों पर यातायात नियमों को ताक पर रखकर चांदी कूट रहे निजी बस संचालकों के दिन अब लदने वाले हैं। आरटीए (Regional Transport Authority) विभाग ने अवैध बसों के खिलाफ अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग की इस कार्रवाई का असर इस कदर है कि अकेले पिछले एक महीने के भीतर 24 बसों का चालान कर सरकारी खजाने में करीब 14 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना जमा कराया गया है। आरटीए सुशील कुमार ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर गुंडागर्दी और टैक्स चोरी अब कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लोकेशन ट्रेसिंग और रात का खेल: विभाग ने बदला अपना 'गेम प्लान'
जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अवैध बस संचालक पुलिस और आरटीए की लोकेशन ट्रेस करने के लिए बकायदा व्हाट्सएप ग्रुप और इन्फॉर्मर्स का सहारा ले रहे थे। ये संचालक दिन की चेकिंग से बचने के लिए देर रात और अलसुबह बसों को सड़कों पर उतारते थे। इस शातिराना खेल को मात देने के लिए आरटीए विभाग ने अपनी रणनीति बदल दी है। अब विभाग की टीमें आधी रात और तड़के सुबह औचक निरीक्षण कर रही हैं, जिससे माफिया के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
"सिर्फ चालान काफी नहीं": बार-बार गलती करने पर होगी जेल
आरटीए सुशील कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब केवल आर्थिक दंड देकर खानापूर्ति नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो बसें बार-बार नियमों का उल्लंघन करती पाई जाएंगी, उनके संचालकों पर अब एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी। इसका मतलब है कि अब बस मालिकों को न केवल अपनी जेब ढीली करनी होगी, बल्कि जेल की सलाखों के पीछे भी जाना पड़ सकता है। यह कदम मुख्य रूप से उन बसों के लिए है जो ओवरलोडिंग कर यात्रियों की जान खतरे में डालती हैं।
टैक्स चोरी पर पैनी नजर, नहीं बचेंगे रसूखदार
विभाग के रडार पर वे निजी बसें भी हैं जो हरियाणा सरकार का निर्धारित टैक्स नहीं भर रही हैं और सालों से सड़कों पर अवैध रूप से दौड़ रही हैं। कई बस संचालक अपनी रसूख के दम पर कार्रवाई से बचते आए हैं, लेकिन इस बार आरटीए विभाग ने साफ कर दिया है कि दस्तावेजों में कमी होने पर बस को मौके पर ही इंपाउंड (जब्त) किया जाएगा। इस मुहिम से यात्रियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है, तो वहीं नियम तोड़ने वालों के पसीने छूट रहे हैं।