Bhiwani Tigrana News: भिवानी में खेत की खुदाई के दौरान मिली 7 फुट लंबी हनुमान जी की प्राचीन शिला, देखने उमड़े सैकड़ों लोग
भिवानी में खेत की खुदाई के दौरान मिली 7 फुट लंबी हनुमान जी की प्राचीन शिला, देखने उमड़े सैकड़ों लोग
Bhiwani Tigrana News: भिवानी जिले के गांव तिगड़ाना में उस वक्त लोग अचंभित रह गए जब एक खेत की खुदाई के दौरान जमीन के नीचे से विशालकाय प्राचीन शिला बाहर आई। भिवानी बाईपास रिंग रोड क्षेत्र में पड़ने वाले इस गांव में खेत मालिक नेहरू (पुत्र हंसराज) अपनी जमीन पर फैक्ट्री निर्माण की तैयारी कर रहे थे। टीन शेड लगाने से पहले वहां पानी का हौद बनवाने के लिए श्रमिकों द्वारा जमीन की खुदाई की जा रही थी।
जब खुदाई करीब 5 फीट तक पहुंची, तो जमीन के अंदर लाल रंग का एक विशाल पत्थर टकराया। मजदूरों ने जब सावधानीपूर्वक आसपास की मिट्टी हटाकर खुदाई आगे बढ़ाई, तो वहां से करीब सात फुट लंबी और चौड़ी लाल पत्थर की पूरी शिला बाहर निकल आई। जब शिला पर चढ़ी मिट्टी को साफ किया गया, तो उस पर उकेरी गई हनुमान जी की आकृति स्पष्ट दिखाई देने लगी।
गांव में फैली खबर, उमड़ा आस्था का जनसैलाब
खेत में बजरंगबली की आकृति वाली प्राचीन शिला मिलने की खबर जंगल में आग की तरह पूरे तिगड़ाना और आसपास के गांवों में फैल गई। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। शनिवार को जब इस अद्भुत शिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो भिवानी शहर से भी बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचने लगे।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, अब तक 500 से अधिक लोग इस स्थल पर पहुंचकर शिला के दर्शन कर चुके हैं और कई लोगों ने वहां पूजा-अर्चना भी शुरू कर दी है। गांव के बुजुर्गों का मानना है कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से काफी पुराना रहा है और जमीन के नीचे से ऐसी कलाकृति का मिलना किसी प्राचीन मंदिर या ऐतिहासिक सभ्यता का संकेत हो सकता है।
पुरातत्व विभाग अलर्ट: विशेषज्ञों की टीम करेगी शिला का ऐतिहासिक मूल्यांकन
मामला संज्ञान में आते ही राज्य के पुरातत्व विभाग ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. नरेंद्र परमार ने बताया कि विभाग को तिगड़ाना गांव में लाल पत्थर की शिला मिलने की जानकारी मिली है।
डॉ. परमार के अनुसार, विभागीय विशेषज्ञों और पुरातत्वविदों की एक विशेष टीम जल्द ही मौके का मुआयना करने तिगड़ाना पहुंचेगी। यह टीम शिला पर इस्तेमाल हुए लाल पत्थर की प्राचीनता, उस पर बनी हनुमान जी की नक्काशी की शैली और इसके ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व का गहनता से आकलन करेगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह शिला किस कालखंड या सदी से संबंध रखती है।
