लाडवा न्यूज़: वोटर लिस्ट सुधारने खुद फील्ड में उतरे एसडीएम अनुभव मेहता, बूथ नंबर 120 पर की औचक चेकिंग
Jun 15, 2026 5:24 PM
लाडवा (कैलाश गोयल) एक सशक्त और पारदर्शी लोकतंत्र की सबसे पहली शर्त होती है—एक ऐसी वोटर लिस्ट (मतदाता सूची), जिसमें न तो कोई फर्जी नाम हो और न ही कोई योग्य नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित रहे। इसी बड़े विजन को धरातल पर उतारने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार सोमवार, 15 जून से प्रदेशभर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) का शंखनाद हो गया है। अभियान की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अमला पहले ही दिन से एक्टिव मोड में नजर आया। लाडवा के एसडीएम अनुभव मेहता ने खुद कमान संभालते हुए सोमवार को विभिन्न मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और जमीनी स्तर पर चल रही तैयारियों का जायजा लिया।
बूथ नंबर 120 पर पहुंचे एसडीएम; फॉर्म ट्रैकिंग और डिजिटल डेटा को लेकर दिए कड़े निर्देश
अपने निरीक्षण कार्यक्रम के तहत एसडीएम अनुभव मेहता लाडवा के बूथ नंबर 120 पर पहुंचे। वहां उन्होंने मौके पर मौजूद बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के रजिस्टर खंगाले और काम की रफ्तार देखी। एसडीएम ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में हिदायत दी कि पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी रखा जाए। उन्होंने कहा, "वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या काटने के लिए आने वाले फॉर्मों की ट्रैकिंग व्यवस्था बेहद पुख्ता होनी चाहिए। हर दिन शाम को कितने फॉर्म बांटे गए और कितने वापस आए, इसका पूरा हिसाब रखा जाए और डेटा को तुरंत मुख्य डैशबोर्ड पर अपडेट किया जाए।" इसके साथ ही उन्होंने कंट्रोल रूम के माध्यम से समय-समय पर रैंडम चेकिंग करने के भी आदेश दिए ताकि काम की गुणवत्ता बनी रहे।
फैमिली मैपिंग पर रहेगा विशेष जोर; कर्मचारियों को दोबारा दी जाएगी तकनीकी ट्रेनिंग
इस बार के पुनरीक्षण अभियान में तकनीक और 'फैमिली मैपिंग' (पारिवारिक मिलान) पर विशेष फोकस किया जा रहा है, ताकि एक ही परिवार के वोट अलग-अलग बूथों पर न बंटें। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि 1 जुलाई 2026 को पात्रता की कट-ऑफ डेट (आधार तिथि) माना गया है, यानी इस तारीख तक जो भी युवा 18 वर्ष के हो रहे हैं, उनका नाम अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। उन्होंने नोडल अधिकारियों से कहा कि यदि फील्ड में काम कर रहे किसी कर्मचारी को नए सॉफ्टवेयर या ऐप को चलाने में दिक्कत आ रही है, तो उसे तुरंत दोबारा तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए। काम में आपसी तालमेल ऐसा होना चाहिए कि किसी भी स्तर पर मानवीय या तकनीकी त्रुटि की गुंजाइश न बचे।
14 जुलाई तक चलेगा घर-घर सत्यापन; जनता से सही जानकारी देने की अपील
यह विशेष अभियान 14 जुलाई 2026 तक अनवरत जारी रहेगा, जिसके तहत बीएलओ चिलचिलाती धूप में आपके घर-घर जाकर पहचान पत्रों का मिलान करेंगे। एसडीएम अनुभव मेहता ने इस मौके पर मौजूद आम नागरिकों से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने जनता से एक बेहद जरूरी अपील करते हुए कहा, "जब भी कोई बीएलओ आपके दरवाजे पर आए, तो उसे अपने परिवार के सदस्यों की बिल्कुल सटीक और सही जानकारी दें। अगर किसी सदस्य की मृत्यु हो चुकी है या कोई शादी करके दूसरी जगह जा चुका है, तो उसकी सूचना भी छिपाने के बजाय प्रशासन को दें।" उन्होंने जोर देकर कहा कि एक शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि हम सभी का एक नागरिक के तौर पर साझा और पवित्र दायित्व है।