बीड़ कालवा गांव में कल सजेगी डीसी की अदालत, रात को रुककर सुनेंगे ग्रामीणों का दर्द
Jun 15, 2026 5:00 PM
लाडवा (कैलाश गोयल) सरकार और प्रशासन अब सिर्फ दफ्तरों से नहीं, बल्कि सीधे ग्रामीण अंचलों की धूल फांककर जनता के बीच से चलेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के 'सिटिजन सेंट्रिक' (जन-केंद्रित) विजन को धरातल पर उतारने के लिए कुरुक्षेत्र का जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी सिलसिले में लाडवा विधानसभा क्षेत्र के गांव बीड़ कालवा में कल, 16 जून (मंगलवार) को एक बेहद अहम 'रात्रि ठहराव' कार्यक्रम होने जा रहा है। लाडवा के एसडीएम अनुभव मेहता ने इस बाबत जानकारी देते हुए बताया कि उपायुक्त (डीसी) विश्राम कुमार मीणा की अगुवाई में पूरा प्रशासनिक अमला इस बार बीड़ कालवा गांव में न सिर्फ डेरा डालेगा, बल्कि रात भी वहीं गुजारेगा। इस सीधे संवाद का मूल मकसद फाइलों में दबे विकास को गांव की गलियों तक पहुंचाना है।
समस्याएं भी सुनी जाएंगी और नए विकास का खाका भी खिंचेगा; एसडीएम ने संभाली कमान
एसडीएम अनुभव मेहता ने बताया कि अमूमन ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों या शिकायतों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं। इसी दूरी को पाटने के लिए यह शिविर लगाया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान एक तरफ जहां बिजली, पानी, सड़क और पेंशन जैसी बुनियादी समस्याओं को ऑन-द-स्पॉट (मौके पर) हल करने की कोशिश होगी, वहीं दूसरी तरफ गांव के विकास को और रफ्तार देने के लिए खुद ग्रामीणों से उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर सुझाव लिए जाएंगे।
केंद्र सरकार के 12 साल: हर विभाग लगाएगा स्टॉल, मौके पर ही मंजूर होंगे आवेदन
इस विशेष शिविर की कमान संभाल रहे एसडीएम ने सभी विभागाध्यक्षों को कड़े लहजे में हिदायत दी है कि वे केवल हाजिरी लगाने न आएं, बल्कि अपने-अपने महकमे की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी और सहायता काउंटर (स्टॉल) स्थापित करें। चूंकि केंद्र सरकार के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं, ऐसे में सरकार की हर छोटी-बड़ी योजना को आम आदमी तक पहुंचाना इस कैंप का मुख्य एजेंडा है। अधिकारियों से साफ कहा गया है कि अगर कोई ग्रामीण किसी योजना के लिए पात्र पाया जाता है, तो मौके पर ही उसका आवेदन फॉर्म भरवाकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
इन प्रमुख विभागों की रहेगी मौजूदगी; नागरिकों से समय पर पहुंचने की अपील
गांव की इस खुली कचहरी में व्यवस्था बनाने के लिए एसडीएम अनुभव मेहता ने आम जनता से भी अपील की है कि वे समय रहते शिविर में पहुंचकर अपनी शिकायतों का पंजीकरण करवा लें ताकि हर मामले पर गंभीरता से बात हो सके। मंगलवार को लगने वाले इस महाशिविर में स्वास्थ्य विभाग, कृषि एवं बागवानी विभाग, जिला परिषद, पशुपालन, लीड बैंक मैनेजर, वन विभाग, बिजली व शिक्षा विभाग सहित जिला विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारी अपनी पूरी टीम के साथ मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही, ग्रामीणों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने के लिए मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर की प्रस्तुतियां भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगी।