नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल किया नामांकन: पटना में जदयू कार्यकर्ता कर रहे विरोध
Mar 05, 2026 2:15 PM
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को पटना स्थित बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। नामांकन के समय उनके साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार भी मौजूद रहे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पटना में मौजूद रहे और एनडीए नेताओं के साथ विधानसभा पहुंचे।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन के दिन राजधानी पटना में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। एनडीए के कई नेता विधानसभा परिसर में पहुंचे और उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र जमा किए। इस घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे मुख्यमंत्री पद को लेकर नई चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट में बताई अपनी पुरानी इच्छा
नामांकन से पहले नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनके मन में यह इच्छा थी कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों और संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें।
उन्होंने कहा कि इसी इच्छा के तहत इस बार हो रहे चुनाव में वह राज्यसभा का सदस्य बनना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने जाते हैं तो यह उनके लंबे राजनीतिक सफर में एक नया अध्याय होगा। वह पहले ही लोकसभा, बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं।
तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर लगाया दबाव का आरोप
नीतीश कुमार के इस फैसले पर विपक्ष ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी प्रकाश ने कहा कि बिहार में बीजेपी ने महाराष्ट्र मॉडल लागू कर दिया है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने नीतीश कुमार पर इतना दबाव बनाया कि उन्हें इस्तीफा देने की नौबत आ गई। उन्होंने कहा कि बीजेपी अपनी सहयोगी पार्टियों को कमजोर कर देती है और यही स्थिति अब बिहार में भी दिखाई दे रही है।
विपक्षी नेताओं ने इसे बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की शुरुआत बताया है और आने वाले दिनों में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना जताई है।
कार्यकर्ताओं का विरोध, पटना में हंगामा
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर के बाद जदयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिली। कई कार्यकर्ता पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंच गए और उन्होंने इस फैसले का विरोध किया।
कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार की पहचान हैं और उन्हें राज्य की राजनीति छोड़कर दिल्ली नहीं जाना चाहिए। मुख्यमंत्री आवास के बाहर कई समर्थक भावुक भी दिखाई दिए और कुछ कार्यकर्ता रोते हुए नजर आए।
विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रहे बीजेपी कोटे के मंत्री सुरेंद्र मेहता, जदयू एमएलसी संजय गांधी और जदयू विधायक प्रेम मुखिया का भी विरोध किया और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
जदयू कार्यालय में तोड़फोड़ और नारेबाजी
इधर पटना स्थित जदयू कार्यालय में भी नाराज कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने पार्टी दफ्तर के अंदर तोड़फोड़ की और कई नेताओं के खिलाफ नारे लगाए।
सूत्रों के अनुसार, बेगूसराय, नालंदा समेत कई जिलों से भी नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के विरोध की खबरें सामने आई हैं। कार्यकर्ताओं के गुस्से को देखते हुए पार्टी कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया गया।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर भी कुछ कार्यकर्ताओं ने ललन सिंह, विजय चौधरी और संजय झा के खिलाफ नारेबाजी की। जदयू नेता ललन सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जो भी फैसला करेंगे, उसे पार्टी के सभी लोगों को स्वीकार करना होगा।