'डॉन 3' विवाद में कूदे रणवीर सिंह, फरहान अख्तर की शिकायत पर FWICE को भेजा लीगल नोटिस
Jun 03, 2026 12:57 PM
सिनेमा जगत की सबसे चर्चित फ्रेंचाइजी 'डॉन 3' को लेकर चल रहा विवाद अब शांत होने के बजाय और ज्यादा गहरा गया है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडियन सिने एम्प्लॉईज (FWICE) द्वारा अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ 'नॉन-कोऑपरेशन' (असहयोग) का फरमान जारी करने के बाद अब खुद अभिनेता ने भी पलटवार कर दिया है। रणवीर सिंह ने फिल्म कर्मचारियों के इस सबसे बड़े संगठन को एक सख्त कानूनी नोटिस थमा दिया है। मीडिया जगत में तैर रही खबरों के मुताबिक, रणवीर ने यह कदम 2 जून को उठाया, जिसके बाद अब इस पूरे विवाद का फैसला कोर्ट रूम के भीतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, इस नोटिस में रणवीर की तरफ से क्या मांगें रखी गई हैं, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है।
ऐन वक्त पर फिल्म छोड़ने से भड़के मेकर्स, फरहान को लगा 45 करोड़ का फटका
दरअसल, इस पूरे फसाद की जड़ 'डॉन 3' के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर फरहान अख्तर की एक शिकायत है। फरहान ने FWICE से गुहार लगाई थी कि रणवीर सिंह ने फिल्म की शूटिंग शुरू होने से ठीक कुछ दिन पहले इस महाप्रोजेक्ट को अधर में छोड़ दिया। फिल्म के प्री-प्रोडक्शन, सेट और भारी-भरकम तैयारियों के चलते मेकर्स को करीब 45 करोड़ रुपये की तगड़ी चपत लगी है। फरहान की इसी शिकायत को आधार बनाकर FWICE ने एक कड़ा कदम उठाया और अपने तमाम सदस्यों से अपील की कि वे भविष्य में रणवीर सिंह के किसी भी प्रोजेक्ट का हिस्सा न बनें। संगठन के इस एक फैसले ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री में हलचल पैदा कर दी थी।
यह 'बैन' नहीं बल्कि 'नॉन-कोऑपरेशन' है: FWICE अध्यक्ष अशोक पंडित की सफाई
मामला बढ़ता देख FWICE के अध्यक्ष अशोक पंडित ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर संगठन का पक्ष साफ किया था। अशोक पंडित ने पत्रकारों को बताया कि रणवीर सिंह को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए संगठन की तरफ से कई नोटिस भेजे गए थे, लेकिन स्टारडम के गुरूर में अभिनेता ने किसी भी नोटिस का जवाब देना मुनासिब नहीं समझा। इसी अनदेखी के बाद एसोसिएशन को मजबूरन 'नॉन-कोऑपरेशन' का रास्ता चुनना पड़ा। हालांकि, उन्होंने मीडिया में चल रही उन खबरों का खंडन किया जिसमें इसे 'प्रतिबंध' बताया जा रहा था। उन्होंने साफ किया कि यह कोई परमानेंट बैन नहीं है, बल्कि एक अनुशासनात्मक कार्रवाई है।
क्या थम जाएगी रणवीर की रफ्तार? कानूनी दांव-पेच में फंसा करियर
फरहान अख्तर जैसे बड़े निर्माता से पंगा और फिर पूरी फिल्म वर्कर्स विंग का विरोध झेल रहे रणवीर सिंह के लिए यह दौर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। एक तरफ जहां उनके हाथ से 'डॉन' जैसी प्रतिष्ठित फिल्म निकल गई है, वहीं दूसरी तरफ इस कानूनी लड़ाई से उनके बाकी प्रोजेक्ट्स पर भी तलवार लटक गई है। जानकारों की मानें तो रणवीर का यह लीगल नोटिस FWICE की साख को चुनौती है, और अगर यह मामला लंबा खिंचा तो इंडस्ट्री के भीतर पावर गेम के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। फिलहाल पूरी फिल्म इंडस्ट्री की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि फेडरेशन रणवीर के इस लीगल नोटिस का क्या जवाब देता है।