'पैंसी' के तानों से लेकर मेट गाला तक का सफर, जानिए करण जौहर की जिंदगी के वो अनसुने कड़वे किस्से
May 25, 2026 1:02 PM
Karan Johar 54th Birthday: आज करण जौहर को पूरा देश एक बेहद आत्मविश्वासी, हाजिरजवाब और टॉक-शो 'कॉफी विद करण' के बेबाक होस्ट के रूप में जानता है। लेकिन इस चकाचौंध के पीछे एक ऐसे बच्चे का खौफनाक अतीत छिपा है, जिसे उसकी चाल-ढाल और बोलने के तरीके के लिए बुरी तरह प्रताड़ित (Bully) किया गया। 80 के दशक के उस दौर को याद करते हुए करण ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका वजन ज्यादा था और उनकी बॉडी लैंग्वेज को 'लड़कियों जैसी' (एफेमिनेट) कहकर दोस्त और रिश्तेदार उनका मजाक उड़ाते थे। उस दौर में लोग उन्हें 'पैंसी' कहकर बुलाते थे, जिसने उन्हें मानसिक रूप से एक बंद खोल में धकेल दिया था। वे इतने डरे हुए थे कि उन्होंने खेल के मैदानों में जाना ही छोड़ दिया।
घरवालों से छिपाकर ली 3 साल तक आवाज बदलने की ट्रेनिंग
कॉलेज के दिनों में जब करण ने अपनी पब्लिक स्पीकिंग को सुधारने का फैसला किया, तो वहां के हेड ने उन्हें एक कड़वी सलाह दी। उन्होंने कहा कि तुम्हारी आवाज बहुत गर्लिश है और यह क्रूर दुनिया तुम्हें कभी स्वीकार नहीं करेगी। तुम्हें अपनी आवाज में मर्दाना 'बैरीटोन' लाना होगा। इसके बाद करण ने करीब 3 साल तक सीक्रेट वॉइस ट्रेनिंग ली। घर पर डांट न पड़े, इसलिए उन्होंने माता-पिता से झूठ बोला कि वह कंप्यूटर क्लास जा रहे हैं। इसका एक मजेदार किस्सा साझा करते हुए करण ने बताया कि 3 साल बाद जब उनके पिता के ऑफिस में नया कंप्यूटर आया, तो उन्होंने करण को अपनी सीखी हुई स्किल दिखाने को कहा। करण को कंप्यूटर का 'क' भी नहीं आता था, उसे देखकर वे ऐसे सकपका गए जैसे सामने कोई एलियन खड़ा हो।
जब मां ने एक महीने तक नहीं की बात, पेरिस जाने की थी तैयारी
करण जौहर के पिता यश जौहर खुद एक फिल्म निर्माता थे, लेकिन उस दौर में लगातार हुए घाटे के कारण वे नहीं चाहते थे कि उनका इकलौता बेटा इस अनिश्चितताओं से भरी इंडस्ट्री में कदम रखे। करण की मां हीरू जौहर भी उन्हें पेरिस भेजकर फ्रेंच भाषा सिखाना चाहती थीं ताकि वे अपना एक्सपोर्ट-इंपोर्ट का पारिवारिक बिजनेस संभाल सकें। जब करण ने फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' (DDLJ) में आदित्य चोपड़ा को असिस्ट करने का फैसला किया, तो उनकी मां इस कदर नाराज हुईं कि उन्होंने करीब एक महीने तक करण से बात नहीं की थी। करण ने अपने परिवार से सिर्फ एक साल का वक्त मांगा और कहा कि अगर वे असफल रहे तो वापस लौट आएंगे।
अमिताभ बच्चन के डर से बेहोशी और शाहरुख का वो अटूट भरोसा
DDLJ के सेट पर ही करण की मुलाकात शाहरुख खान से हुई, जिन्होंने इस अंडरकॉन्फिडेंट लड़के के भीतर छिपे असली हुनर को पहचाना। शाहरुख ने करण से साफ कहा था कि तुम फिल्मों के लिए बने हो, तुम्हें खुद फिल्म डायरेक्ट करनी चाहिए और मैं तुम्हारी फिल्म का हीरो बनूंगा। यहीं से नींव पड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ की।
इसके बाद जब करण अपनी दूसरी भव्य फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ की शूटिंग कर रहे थे, तो एक दिलचस्प वाकया हुआ। फिल्म के सेट पर जब महानायक अमिताभ बच्चन अपना पहला शॉट देने के लिए आए, तो 28 साल के युवा डायरेक्टर करण जौहर इतने ज्यादा नर्वस और डरे हुए थे कि वे सेट पर ही बेहोश हो गए थे। बिग बी को डायरेक्ट करने का दबाव उनकी बर्दाश्त से बाहर था। हालांकि, बाद में उन्होंने न सिर्फ उस शॉट को बखूबी फिल्माया, बल्कि भारतीय सिनेमा को सबसे यादगार पारिवारिक ड्रामा दिया। आज नेपोटिज्म और आलोचनाओं के अंतहीन दौर से गुजरने के बाद भी करण जौहर कल्ट फिल्में बनाने और नए टैलेंट को लॉन्च करने वाले इंडस्ट्री के सबसे बड़े कप्तानों में गिने जाते हैं।