Search

'काला हिरण' फिल्म पर रोक के लिए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे सलमान खान, अमित जानी समेत मेकर्स को नोटिस

Jun 13, 2026 1:20 PM

Kala Hiran movie case: बॉलीवुड के 'सुल्तान' सलमान खान और विवादों का चोली-दामन का साथ रहा है, लेकिन इस बार मामला उनकी आने वाली किसी फिल्म का नहीं, बल्कि उन पर बन रही एक कथित फिल्म का है। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अभिनेता सलमान खान की उस याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' नाम की फिल्म की रिलीज, ट्रेलर और उसके किसी भी तरह के प्रमोशन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की वेकेशन बेंच ने फिल्म के विवादित प्रोड्यूसर अमित जानी, जानी फायरफॉक्स फिल्म्स, डायरेक्टर भारत श्रीनेत और अक्षय पांडे को नोटिस थमाकर जवाब तलब किया है।

अचानक ट्रेलर रिलीज होने पर कोर्ट ने बदली तारीख

अदालत में सुनवाई के दौरान जब सलमान खान के वकीलों ने बताया कि फिल्म का ट्रेलर शुक्रवार को ही आनन-फानन में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जारी कर दिया गया है, जबकि पहले इसे 20 जून को रिलीज करने के संकेत दिए गए थे, तो कोर्ट ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। इसके तुरंत बाद अदालत ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने वाली अर्जी पर विचार करते हुए इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 जून 2026 की तारीख मुकर्रर कर दी है।

नीले ब्रेसलेट ने खोल दी मेकर्स की चालाकी की पोल

सलमान खान की ओर से दायर याचिका में बेहद दिलचस्प और मजबूत दलीलें दी गई हैं। याचिका में साफ तौर पर कहा गया है कि फिल्म और उसका पूरा प्रमोशनल मटीरियल साल 1998 के कुख्यात जोधपुर काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित है। भले ही कानूनी पचड़ों से बचने के लिए मेकर्स ने फिल्म में सीधे तौर पर सलमान खान का नाम इस्तेमाल नहीं किया हो, लेकिन पोस्टर और प्रोमो को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आम दर्शक उन्हें आसानी से पहचान लें। 29 मई 2026 को जारी किए गए फिल्म के पहले पोस्टर का हवाला देते हुए वकीलों ने कहा कि इसमें दिख रहे किरदार को हूबहू सलमान खान जैसा लुक दिया गया है और सबसे बड़ी बात, उस किरदार की कलाई में नीले रंग का वही ब्रेसलेट पहनाया गया है, जो दुनिया भर में सलमान खान की अनूठी पहचान माना जाता है।

गैंगस्टर लॉरेंस के नाम पर पब्लिसिटी बटोरने का आरोप

याचिका में इस बात पर भी कड़ा ऐतराज जताया गया है कि पोस्टर में मुख्य किरदार के हाथ में हथियार दिखाया गया है, जबकि सच्चाई यह है कि आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में सलमान खान अदालत से बाकायदा बरी हो चुके हैं। ऐसे में हथियार वाला यह रूप समाज में उनके खिलाफ गलत संदेश फैला सकता है। यही नहीं, सलमान के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि यह पूरा मामला अभी उच्च अदालतों के विचाराधीन है, लिहाजा ऐसी किसी फिल्म का प्रदर्शन चल रही न्यायिक प्रक्रिया और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार को सीधे प्रभावित करेगा। अर्जी में प्रोड्यूसर अमित जानी के उन इंटरव्यूज और सोशल मीडिया पोस्ट्स को भी रिकॉर्ड पर लिया गया है, जिनमें उन्होंने पब्लिसिटी स्टंट के तहत इस फिल्म को जानबूझकर काला हिरण मामले और जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जोड़ा है।

जब मेकर्स ने कैमरे के सामने फाड़ दिया था लीगल नोटिस

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि की बात करें तो फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' का फर्स्ट लुक हाल ही में सामने आया था, जिसमें सलमान खान के संदर्भ को 'अयान खान' और लॉरेंस के संदर्भ को 'लॉयन' के नाम से पेश किया गया है। इस चालाकी के खिलाफ सलमान खान की लीगल टीम ने 24 अप्रैल 2026 को ही मेकर्स को काम रोकने का नोटिस भेजा था। मगर इसके उलट, निर्माता अमित जानी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे सलमान खान के भेजे गए लीगल नोटिस को सरेआम फाड़ते हुए नजर आए। हालांकि, बाद में विवाद बढ़ता देख अमित जानी ने फेसबुक पर सफाई दी थी कि उनकी फिल्म पूरी तरह सलमान की बायोपिक नहीं है, बल्कि यह बिश्नोई समाज के संघर्ष और वन्यजीवों के प्रति उनके जुड़ाव की कहानी है, जिसमें सलमान महज एक हिस्सा हैं। फिलहाल, अब इस पूरी स्क्रिप्ट का फैसला १९ जून को दिल्ली हाईकोर्ट के गलियारों में होगा।

You may also like:

Please Login to comment in the post!