कुरुक्षेत्र में बड़ा हादसा: किराएदार को करंट से बचाने दौड़े रिटायर्ड सूबेदार मेजर भी आए चपेट में, दोनों की मौत
Jun 13, 2026 3:15 PM
कुरुक्षेत्र। रिहाइशी इलाकों के ऊपर और आसपास से गुजरने वाले मौत के तार (हाईटेंशन लाइनें) थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा रोड पर स्थित शंकर कॉलोनी से एक बेहद दर्दनाक और रूह कँपा देने वाली खबर आई है। यहाँ 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से भारतीय सेना के एक रिटायर्ड सूबेदार मेजर और उनके किराएदार की मौके पर ही मौत हो गई। फौजी की जान अपने किराएदार को मौत के मुंह से खींचने की जांबाज कोशिश में गई, लेकिन अफसोस कि कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।
सफाई करते वक्त 'मौत' से टकराया हाथ
मृतकों की पहचान 62 वर्षीय पृथ्वी सिंह (निवासी डेरू माजरा) और 42 वर्षीय शमशेर सिंह (निवासी कैंथला) के रूप में हुई है। रिटायर्ड फौजी पृथ्वी सिंह के बेटे प्रिंस सैनी ने बताया कि उनके पिता ने शंकर कॉलोनी में दुकान के ऊपर कुछ कमरे किराए पर देने के लिए बनाए हुए हैं। इसी में से एक कमरे में पास के गांव का रहने वाला शमशेर सिंह रहता था, जो पेशे से ऑटो चालक था। कल पृथ्वी सिंह अपने किराएदार शमशेर से मिलने शंकर कॉलोनी आए थे। इसी दौरान शमशेर अपने कमरे और गैलरी की साफ-सफाई में जुटा था, तभी उसका हाथ कमरे के बिल्कुल नजदीक से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की नंगी तारों से स्पर्श हो गया।
फौजी का जज्बा: आखिरी सांस तक बचाने की कोशिश की
करंट का झटका लगते ही शमशेर जोर से चीखा। कमरे में ही मौजूद रिटायर्ड सूबेदार मेजर पृथ्वी सिंह ने जैसे ही किराएदार को तड़पते देखा, सेना का वह पुराना जज्बा जाग उठा और वे बिना अपनी जान की परवाह किए शमशेर को बचाने के लिए लपके। लेकिन हाईटेंशन लाइन का मैग्नेटिक फील्ड और करंट इतना भयंकर था कि शमशेर को छूते ही पृथ्वी सिंह भी उसकी चपेट में आ गए। करंट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि दोनों उछलकर सीधे कमरे की गैलरी में जा गिरे।
अस्पताल पहुंचने से पहले थमीं सांसें
आसपास के लोगों ने जब चीख-पुकार सुनी तो वे तुरंत मौके पर दौड़े और मामले की सूचना पृथ्वी सिंह के परिजनों को दी। दोनों को आनन-फानन में एम्बुलेंस के जरिए नजदीक के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद दोनों को 'ब्रॉट डेड' यानी मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से ही लाडवा रोड इलाके के निवासियों में बिजली विभाग के खिलाफ गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि घरों के इतने करीब से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनें लगातार हादसों को न्योता दे रही हैं, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। उधर, थाना पुलिस ने प्रिंस के बयानों के आधार पर इत्तफाकिया हादसे की रपट दर्ज कर शवों का पोस्टमार्टम कराया और उन्हें अंतिम संस्कार के लिए रोते-बिलखते परिवारों को सौंप दिया है।