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यमुनानगर में आंधी का तांडव: 400 बिजली के खंभे टूटे, डीसी आवास पर गिरा पेड़, आधे जिले में ब्लैकआउट

May 15, 2026 4:19 PM

यमुनानगर। यमुनानगर और आसपास के इलाकों के लिए बुधवार की रात किसी दुःस्वप्न से कम नहीं रही। रात के अंधेरे में आई तेज आंधी ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। हवा की रफ्तार इतनी खौफनाक थी कि इसके सामने बड़े-बड़े पेड़ और लोहे के बिजली के खंभे तिनके की तरह बिखर गए। आलम यह रहा कि गुरुवार की शाम बीत जाने के बाद भी शहरी और ग्रामीण इलाकों के बड़े हिस्से में बिजली की सप्लाई सुचारू नहीं हो सकी। भीषण गर्मी के बीच अचानक बिजली गुल होने और लंबे पावर कट के कारण घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए, जिससे लोगों को बूंद-बूंद पानी और उमस से दो-चार होना पड़ा।

डीसी आवास पर गिरा पेड़, हाईवे पर घंटों थमे रहे पहिए

आंधी का असर इस कदर था कि प्रशासनिक अमले के बड़े अधिकारियों के घर भी इससे अछूते नहीं रहे। उपायुक्त (डीसी) प्रीति के सरकारी आवास परिसर में एक भारी-भरकम पेड़ उखड़कर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, मिलिट्री ग्राउंड के सामने जगाधरी-अंबाला मुख्य मार्ग पर सफेदे का एक विशाल पेड़ बीच सड़क पर आ गिरा, जिससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंची पुलिस और क्रेन की मदद से पेड़ को काटकर हटाया गया, तब कहीं जाकर यातायात बहाल हो सका। इसके अलावा प्यारा चौक, गोविंदपुरी और जयपुर-अलाहर रोड पर भी पेड़ गिरने से घंटों आवाजाही ठप रही। गोविंदपुरी में एक मार्बल शोरूम की लोहे की टिन की छत उड़कर सड़क पर आ गिरी, जिससे बड़ा हादसा होते-होते बचा। शहर में एक मकान पर लगा मोबाइल टावर भी इस बवंडर को झेल नहीं पाया और भरभरा कर गिर गया।

टेही अकबरपुर में ढहा मुर्गा फार्म, 4500 बेजुबानों की मौत से किसान बर्बाद

इस तूफान ने जिले के अन्नदाताओं और व्यापारियों की कमर तोड़कर रख दी है। गांव टेही अकबरपुर में आंधी के थपेड़ों को नंबरदार प्रदीप सैनी के मुर्गा फार्म की दीवारें बर्दाश्त नहीं कर सकीं। तेज हवा के दबाव से पूरा फार्म ढह गया, जिसके मलबे में दबने से करीब 4500 मुर्गों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों ने रात में ही भारी मशक्कत कर मलबे को हटाया, लेकिन तब तक प्रदीप सैनी को लाखों रुपये का नुकसान हो चुका था।

प्लाईवुड फैक्ट्री की चिमनी गिरी, बाल-बाल बचे मजदूर

नुकसान की एक और बड़ी तस्वीर सहारनपुर रोड स्थित कक्कड़ टिंबर प्लाईवुड फैक्ट्री से आई। बुधवार रात करीब 9 बजे आंधी के दौरान फैक्ट्री की विशालकाय चिमनी अचानक उखड़कर परिसर में गिर गई। फैक्ट्री मालिक नितेश कक्कड़ के मुताबिक, इस हादसे में उन्हें करीब साढ़े तीन से चार लाख रुपये की सीधी चपत लगी है। हालांकि, गनीमत यह रही कि चिमनी गिरने के भांपते ही प्रबंधन ने मुस्तैदी दिखाते हुए वहां काम कर रहे मजदूरों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया था, जिससे किसी की जान नहीं गई।

2800 शिकायतें और बेबस बिजली विभाग

बिजली निगम के अधिकारियों की मानें तो बुधवार शाम सात बजे के बाद से उनके कंट्रोल रूम के फोन लगातार बजते रहे। गुरुवार शाम तक विभाग के पास बिजली ठप होने की 2800 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की जा चुकी थीं। बिजली तारों के ऊपर गिरे भारी-भरकम पेड़ों को हटाना और नए खंभे खड़े करना बिजली कर्मियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। अधिकारी ने बताया कि टीमें रात से ही ग्राउंड पर तैनात हैं, लेकिन नुकसान इतना व्यापक है कि पूरी व्यवस्था को सौ फीसदी पटरी पर लौटने में अभी कुछ और वक्त लगेगा।

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