रुपया सर्वकालिक निचले स्तर से उबरा, 45 पैसे की बढ़त के साथ 91.60 प्रति डॉलर पर
Mar 05, 2026 6:28 PM
मुंबई: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया बृहस्पतिवार अपने सर्वकालिक निचले स्तर से उबरकर 45 पैसे की बढ़त के साथ 91.60 (अस्थायी) पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हस्तक्षेप की खबरों के कारण भारतीय मुद्रा में यह उछाल आया।
विदेशी मुद्रा विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण पैदा हुई अनिश्चितताओं और अत्यधिक उतार-चढ़ाव से स्थानीय मुद्रा को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ने हस्तक्षेप किया। हालांकि, डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी कोषों की भारी निकासी ने रुपये पर दबाव बनाए रखा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.16 पर खुला और कारोबार के दौरान 91.30 के उच्चस्तर तक पहुंचा। कारोबार के अंत में यह 91.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 45 पैसे की बढ़त है। बुधवार को रुपया 56 पैसे टूटकर 92.05 प्रति डॉलर के अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। इससे पहले सोमवार को भी इसमें 41 पैसे की गिरावट दर्ज की गई थी।
मंगलवार को होली के कारण विदेशी मुद्रा बाजार बंद रहा। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप की खबरों और घरेलू बाजारों में सकारात्मक रुख के कारण रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर से उबर पाया।
हालांकि, मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने तेज बढ़त को सीमित कर दिया। उन्होंने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निकासी और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी रुपये पर दबाव डाल सकती है।
हालांकि, निचले स्तर पर भारतीय रिजर्व बैंक का हस्तक्षेप रुपये को सहारा दे सकता है। उनके अनुसार डॉलर-रुपया हाजिर कीमत के 91.30 से 92.10 रुपये के दायरे में रहने की उम्मीद है। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत बढ़कर 98.86 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.83 प्रतिशत बढ़कर 82.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। बुधवार को एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत डुबोए जाने के बाद ईरान की मिसाइलें इजराइल पर गिरीं। ईरान ने क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक ढांचे को निशाना बनाने की भी चेतावनी दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारत के आयात बिल में तेज बढ़ोतरी का खतरा है, क्योंकि देश की लगभग 85 प्रतिशत ईंधन जरूरतें आयात से पूरी होती हैं। घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स 899.71 अंक (1.14 प्रतिशत) चढ़कर 80,015.90 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 285.40 अंक (1.17 प्रतिशत) बढ़कर 24,765.90 अंक पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 8,752.65 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।