सवारियों के लिए 'जंग'! कैथल में पेट्रोल पंप कर्मचारियों से भिड़े ई-रिक्शा चालक, जमकर चले पत्थर
Apr 19, 2026 5:30 PM
कैथल। शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा चालकों की मनमानी और रसूख अब आमजन के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। ताजा मामला न्यू करनाल रोड का है, जहां सवारियां बैठाने की आपाधापी में ई-रिक्शा चालकों ने जमकर तांडव मचाया। विवाद इतना बढ़ा कि चालकों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए भाजपा नेता राहुल सुरेंद्र के पेट्रोल पंप पर हमला बोल दिया। सड़क किनारे रखे भारी-भरकम सीमेंट ब्लॉक उठाकर पंप की ओर फेंके गए, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों में भगदड़ मच गई।
समझाने गए थे कर्मचारी, बदले में मिला 'पत्थरों' का प्रहार
घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब न्यू करनाल रोड पर स्थित पेट्रोल पंप के सामने ई-रिक्शा चालकों ने सवारियों के चक्कर में रास्ता पूरी तरह ब्लॉक कर दिया था। इसकी वजह से पंप पर तेल भरवाने आने वाले ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जब पंप के कर्मचारियों ने चालकों से रिक्शा थोड़ा आगे-पीछे करने और रास्ता खाली छोड़ने का अनुरोध किया, तो चालक भड़क गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक चालक ने फोन कर अपने कुछ साथियों को बुला लिया और देखते ही देखते बहस हाथापाई और पथराव में बदल गई।
सीमेंट के ब्लॉक फेंककर फैलाई दहशत
हैरानी की बात यह रही कि गुंडागर्दी पर उतरे इन चालकों ने सड़क पर सुरक्षा के लिए रखे गए सीमेंट के भारी ब्लॉक्स को उठाकर पेट्रोल पंप की तरफ फेंकना शुरू कर दिया। ये ब्लॉक इतने भारी थे कि अगर किसी कर्मचारी को लग जाते तो जानलेवा साबित हो सकते थे। कर्मचारियों ने साहस दिखाते हुए जब मोर्चा संभाला, तो हमलावर अपनी ई-रिक्शा छोड़कर भागने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने एक चालक को दबोच लिया, जबकि मुख्य आरोपी फरार होने में कामयाब रहा।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
कैथल शहर में ई-रिक्शा चालकों द्वारा ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाना अब रोज की बात हो गई है। बिना किसी डर के बीच सड़क पर वाहन रोकना, रॉन्ग साइड चलना और टोकने पर झगड़े पर उतारू हो जाना इनकी पहचान बनता जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस नीति या सख्त कार्रवाई न होने के कारण इनके हौसले बुलंद हैं।
सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से बरामद ई-रिक्शा को कब्जे में ले लिया है। अब देखना यह होगा कि भाजपा नेता के प्रतिष्ठान पर हुए इस हमले के बाद क्या प्रशासन इन 'बेलगाम' चालकों पर शिकंजा कसेगा या शहर की सड़कें इसी तरह असुरक्षित बनी रहेंगी।