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बिलासपुर थाना से महज 200 मीटर दूर मंदिर में चोरी: चोर ने दान पात्र तोड़ा, सीसीटीवी में कैद हुई करतूत

Apr 19, 2026 5:01 PM

यमुनानगर। यमुनानगर बदमाशों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी बानगी बिलासपुर इलाके में देखने को मिली है। चोरों ने अब भगवान के घर को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला बिलासपुर स्थित ऐतिहासिक खेड़ा मंदिर का है, जहां देर रात एक शातिर चोर ने सेंधमारी कर दान पात्र के ताले तोड़ दिए और उसमें रखी हजारों की नकदी समेटकर रफूचक्कर हो गया। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस जगह वारदात हुई, वहां से बिलासपुर थाना महज 200 मीटर की दूरी पर है। पुलिस की नाक के नीचे हुई इस चोरी ने इलाके में गश्त और सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है।

कस्सी लेकर पहुंचा था चोर, दूसरे दान पात्र को तोड़ने में रहा नाकाम

मंदिर के पुजारी संजीव शर्मा ने बताया कि रोज की तरह सुबह जब वे मंदिर पहुंचे, तो दान पात्र का ताला टूटा हुआ मिला। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि अंधेरे का फायदा उठाकर एक युवक मंदिर परिसर में दाखिल हुआ। चोर ने बड़ी ही शातिरता से एक दान पात्र को निशाना बनाया और उसमें जमा चढ़ावे की राशि निकाल ली। पुजारी के मुताबिक, चोर अपने साथ एक कस्सी (मिट्टी खोदने का औजार) भी लाया था, जिससे उसने दूसरे दान पात्र को भी तोड़ने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।

पुलिस के पहरे पर उठे सवाल: क्या सोती रही गश्ती टीम?

यह घटना बिलासपुर पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। थाने से महज कुछ ही मीटर की दूरी पर स्थित मंदिर में चोर का इतनी देर तक रुकना और इत्मीनान से चोरी करना यह दर्शाता है कि उसे पुलिस का जरा भी खौफ नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर थाने के इतने करीब भी धार्मिक स्थल सुरक्षित नहीं हैं, तो रिहायशी इलाकों का क्या हाल होगा? मंदिर ट्रस्ट अब इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है और सीसीटीवी फुटेज के साथ पुलिस को औपचारिक शिकायत सौंपने की तैयारी में है।

बार-बार क्यों हो रहा खेड़ा मंदिर निशाना?

गौरतलब है कि खेड़ा मंदिर में चोरी की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार यहां चोरों ने हाथ साफ किए हैं। बार-बार होती इन वारदातों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। फिलहाल, पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान की जा रही है और जल्द ही उसे दबोच लिया जाएगा। लेकिन बड़ा सवाल वही है—क्या पुलिस केवल वारदात के बाद जागने के लिए ही है?

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