- by Vinita Kohli
- Nov, 01, 2025 04:35
चंडीगढ़: यूटी पुलिस ने वाहन चोरी के कई मामलों का खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार दोपहिया वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस थाना सारंगपुर में दर्ज मामलों की जांच के दौरान 19 वर्षीय मोहन उर्फ मोना और करण उर्फ भीमा को काबू किया गया। दोनों आरोपी धनास स्थित स्मॉल फ्लैट्स के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त 2025 को धनास सब्जी मंडी से एक महिला की होंडा एक्टिवा चोरी होने की शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर ई-एफआईआर दर्ज की गई। इसी तरह 4 दिसंबर 2025 को धनास की मिल्क कॉलोनी से एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल चोरी होने का मामला सामने आया। इन दोनों मामलों की जांच करते हुए पुलिस ने तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए। उनकी निशानदेही पर चंडीगढ़ के विभिन्न थाना क्षेत्रों—सारंगपुर, सेक्टर-17, मलोया, सेक्टर-39, मौलीजागरां, सेक्टर-11, सेक्टर-36 और सेक्टर-26—से चोरी की गई कई मोटरसाइकिलें और स्कूटर बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, बरामद वाहनों की संख्या एक दर्जन से अधिक है, जो अलग-अलग ई-एफआईआर मामलों से संबंधित हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी मोहन उर्फ मोना पहले भी वाहन चोरी के एक मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और उसे सजा हो चुकी है। फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इनके साथ इस गिरोह में कोई अन्य व्यक्ति तो शामिल नहीं है। आगे की जांच जारी है।
नशे की लत ने बनाया वाहन चोर
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी नशे के आदी हैं। अपनी नशे की जरूरतें पूरी करने के लिए वे रात के समय शहर के अलग-अलग इलाकों में खड़े दोपहिया वाहनों की पहले रेकी करते थे और मौका मिलते ही चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। चोरी के बाद वाहनों को सुनसान और खाली स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था, ताकि बाद में उन्हें बेचकर पैसे जुटाए जा सकें।