Thursday, Jan 15, 2026

चंडीगढ़: शहर में गौवंश मौत पर प्रशासन सख्त, आयुक्त–उपायुक्त मौके पर पहुंचे, एमओएच निलंबित, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश


  • By Vinita Kohli,
  • Content Credit : जगमार्ग रिपोर्टर, मयंक मिश्रा
  • Jan 15, 2026
  • in चंडीगढ़
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चंडीगढ़: शहर में गौवंश की मृत्यु की गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई की है। नगर निगम चंडीगढ़ (एमसीसी) के आयुक्त एवं उपायुक्त, चंडीगढ़ ने स्वयं मौके का दौरा कर हालात का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। गौवंश की मृत्यु के वास्तविक कारणों की जांच के लिए मृत पशुओं के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। साथ ही मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए गए हैं। इस जांच की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीएम) करेंगे। जांच में निदेशक, पशुपालन विभाग, उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम), पूर्व तथा क्षेत्र के उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) सहयोग करेंगे। प्रशासन ने एडीएम को निर्देश दिए हैं कि जांच रिपोर्ट शीघ्रातिशीघ्र प्रस्तुत की जाए।


प्राथमिक स्तर पर लापरवाही सामने आने पर नगर निगम चंडीगढ़ ने चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य (एमओएच) डॉ. इंदरदीप कौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही गौशाला में तैनात सभी संबंधित संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनमें पशु चिकित्सक डॉ. रविंदर सिंह ढिल्लों, स्वच्छता निरीक्षक रामलाल सिंह, पर्यवेक्षक लवली सहित अन्य मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) शामिल हैं। प्रवीण कुमार, निरीक्षक, कैटल पाउंड, रायपुर कलां को भी निलंबित कर दिया गया है।  मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


प्रशासन ने नगर निगम को गौशालाओं के संचालन में व्यापक सुधार लाने, स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने तथा पशुओं के स्वास्थ्य और देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा यह भी तय किया गया है कि संयुक्त आयुक्त, नगर निगम चंडीगढ़, गौशाला संचालकों के साथ प्रत्येक पखवाड़े समीक्षा बैठक करेंगे। पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की एक समर्पित टीम द्वारा गौशालाओं का नियमित निरीक्षण किया जाएगा, ताकि पशुओं की समय-समय पर चिकित्सा जांच और स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित हो सके। गौशालाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे पशु देखभाल, सुरक्षा और समग्र प्रबंधन को और सुदृढ़ किया जा सके। चंडीगढ़ प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशु कल्याण के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम की सभी व्यवस्थाओं में जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


गौरतलब है कि शहर के मक्खन माजरा क्षेत्र में स्थित एनिमल कारकस इनसिनरेशन प्लांट के बरामदे में 45 गायों के शव मिलने से हड़कंप मच गया था। हंगामे के बाद पुलिस बल बड़ी संख्या में तैनात किया गया था। दावा किया जा रहा था कि नगर निगम का यह एनिमल कारकस इनसिनरेशन प्लांट कुछ समय से बंद पड़ा हुआ है, जिसके कारण मृत पशुओं का समय पर निस्तारण नहीं हो सका। घटना की जानकारी मिलते ही समाजसेवियों, पशु प्रेमियों और गोरक्षक संगठनों में भारी रोष फैल गया था। एक ही स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में गायों के शव मिलने से कई गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जिसमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी गायों की मौत कहां और किन परिस्थितियों में हुई। मौके पर मेयर और नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ ज़ोरदार नारेबाज़ी की गई। इस दौरान एसएसपी कंवरदीप कौर भी मौके पर पहुंचीं। पूरे मामले पर राजनीति शुरू हो गई और कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के नेता भी घटनास्थल पर पहुंचे।


 

कांग्रेस और आप ने निष्पक्ष जांच की मांग की

इस पूरे मामले का निरीक्षण करने मौके पर कांग्रेस के अध्यक्ष एच.एस. लक्की, डिप्टी मेयर तरुणा मेहता, पार्षद सचिन गालव और यादविंदर मेहता पहुंचे। उन्होंने देखा कि गौशाला में साफ-सफाई और व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मृत गायें और उनके बच्चे शहर के अलग-अलग हिस्सों से गौशाला में लाए गए थे। यह अव्यवस्था और ठंड के कारण उचित देखभाल न मिलने की वजह से उनकी मृत्यु का मुख्य कारण है। लक्की ने कहा, "जब गौशाला के नाम पर इतना धन इकट्ठा किया जाता है, तो उसका सदुपयोग गायों की देखभाल और रखरखाव में क्यों नहीं किया जाता? इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और गोशाला के अंदर पूरी तरह से व्यवस्था कायम की जाए।" कांग्रेस ने इस घटना में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने कहा कि यह मुद्दा आने वाली नगर निगम की सदन की बैठक में भी उठाया जाएगा। 


वहीं, आम आदमी पार्टी, चंडीगढ़ की मांग है कि इस पूरे मामले की तत्काल स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो, काऊ सेस और गौशाला परियोजना का पूर्ण ऑडिट सार्वजनिक किया जाए और जिन अधिकारियों व एजेंसियों की लापरवाही से इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत हुई, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। अध्यक्ष विजयपाल सिंह ने रायपुर कलां (मक्खन माजरा क्षेत्र) स्थित गौशाला में बड़ी संख्या में गायों और बछड़ों की मौत पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें इस गंभीर घटना की जानकारी मिली, उन्होंने अपने सभी व्यक्तिगत कार्यक्रम तत्काल स्थगित कर दिए। यहां तक कि उनका पूर्व-निर्धारित डॉक्टर अपॉइंटमेंट भी उन्होंने गौ-सेवा को प्राथमिकता देते हुए रद्द कर दिया और तुरंत गौशाला पहुँचे। इस दौरान आम आदमी पार्टी के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता भी मौके पर पहुँचे, जिनमें एससी सेल के प्रधान देसराज सनावर, विजय, माइनॉरिटी सेल से शादाब राठी, पार्षद प्रेमलता, तथा वार्ड 8 से सतपाल जी शामिल थे। गौशाला परिसर में बीजेपी मेयर और बीजेपी-शासित प्रशासन के खिलाफ ज़ोरदार नारेबाज़ी की गई।

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Vinita Kohli

चंडीगढ़: शहर में गौवंश मौत पर प्रशासन सख्त, आयुक्त–उपायुक्त मौके पर पहुंचे, एमओएच निलंबित, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

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