- by Vinita Kohli
- Nov, 01, 2025 04:35
चंडीगढ़: शहर ने उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत पूर्ण साक्षर केंद्रशासित प्रदेश बनने का गौरव हासिल कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। यह सफलता राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में प्रतिपादित सर्वजन साक्षरता और आजीवन शिक्षा के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। चंडीगढ़ प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों, सामुदायिक संगठनों और स्वयंसेवकों के निरंतर प्रयासों और समन्वित कार्यवाही का यह परिणाम है, जिसने सुनिश्चित किया कि कोई भी शिक्षार्थी पीछे न रह जाए। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के मार्गदर्शन और केंद्रशासित प्रदेश स्तर पर प्रभावी नेतृत्व ने इस मिशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। पूर्ण साक्षरता मिशन को चरणबद्ध ढंग से लागू किया गया। घर-घर सर्वेक्षण के माध्यम से शिक्षार्थियों की पहचान की गई और वयस्कों के लिए विशेष कक्षाएँ आयोजित की गईं।
बुजुर्ग और कार्यरत वयस्क भी विद्यालयों, पार्कों और घरों में पढ़ाए गए। सभी 111 राजकीय विद्यालयों में सामाजिक चेतना केंद्र स्थापित किए गए और 150 नोडल प्रभारी नियुक्त किए गए। उल्लास के अंतर्गत सितंबर 2025 में आयोजित फाउंडेशनल लिट्रेसी एंड न्यूमरेसी असेसमेंट टेस्ट (एफएलएनएटी) में लगभग 15,000 शिक्षार्थी शामिल हुए और सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुए। इसके परिणामस्वरूप चंडीगढ़ ने पूर्ण साक्षर केंद्रशासित प्रदेश बनने का लक्ष्य हासिल किया। पंजाब के राज्यपाल एवं प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “यह सफलता सामूहिक प्रयास, समुदाय की भागीदारी और प्रशासन की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
साक्षरता सामाजिक और आर्थिक प्रगति की नींव है और यह ‘शिक्षित भारत – सशक्त भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में मददगार होगी। मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने सभी हितधारकों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि सूक्ष्म योजना, विभागीय समन्वय और शिक्षकों व स्वयंसेवकों की समर्पित भागीदारी का परिणाम है। उल्लास कार्यक्रम ने न केवल साक्षरता बढ़ाई है, बल्कि आजीवन सीखने की संस्कृति को भी पुष्ट किया है। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ, चंडीगढ़ ज्ञान और समावेशन के प्रकाश-स्तंभ के रूप में उभर रहा है और ‘शिक्षित भारत – सशक्त भारत’ मिशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।