चंडीगढ़: आप ने चंडीगढ़ में कांग्रेस के साथ गठबंधन टूटने के दिए स्पष्ट संकेत
Jan 07, 2026 4:30 AM
चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच चंडीगढ़ में चल रहा गठबंधन अब इतिहास बन सकता है। आप के चंडीगढ़ प्रभारी और दिल्ली के विधायक जरनैल सिंह ने मंगलवार को एक बयान जारी कर गठबंधन टूटने के संकेत दिए। आप की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि एक तरफ कट्टर विरोधी बनने का दिखावा और दूसरी तरफ सत्ता में साझेदारी, यह दोहरा रवैया स्वीकार्य नहीं है। चंडीगढ़ में भाजपा का मेयर होना और कांग्रेस के पास सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पद होना, पार्टी के अनुसार भाजपा-कांग्रेस की अंदरूनी मिलीभगत का स्पष्ट प्रमाण है।जरनैल सिंह ने अपने बयान में कहा कि देश अब इस फर्जी लड़ाई और नाटक को समझ चुका है और यह खेल ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाला। उन्होंने स्पष्ट तौर पर संकेत दिए कि 29 जनवरी को होने वाले मेयर चुनाव में आप कांग्रेस के साथ गठबंधन में शामिल नहीं रहेगी और भविष्य में सत्ता के लिए किसी तरह के समझौते में नहीं चलेगी। विश्लेषकों का कहना है कि गठबंधन टूटने के बाद इस बार के मेयर चुनाव में भाजपा की जीत लगभग तय नजर आ रही है।
आप यह कदम चंडीगढ़ की राजनीतिक तस्वीर को पूरी तरह बदल सकता है और आगामी चुनाव में नए समीकरण बना सकता है। गौरतलब है कि सोमवार को कांग्रेस ने आप का नाम लिए बिना पार्टी की सहायता करने का फैसला लिया था। चंडीगढ़ से कांग्रेस के सांसद मुनीष तिवारी और प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की की तरफ से पार्षदों के साथ बैठक की गई थी। बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान में कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी का नाम दिए बिना कहा है कि कांग्रेस पार्टी ऐसे किसी भी राजनीतिक संगठन या गठबंधन को समर्थन देगी, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने में सक्षम हो। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह निर्णय चंडीगढ़ और शहरवासियों के व्यापक हित में लिया गया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि भाजपा के लगातार मेयर और उनके फैसले सुशासन और विकास देने में नाकाम रहे हैं। उनके अनुसार, भाजपा शासन में चंडीगढ़ की छवि को नुकसान पहुंचा है, कई घोटाले सामने आए हैं और विकास कार्य पिछड़ गए हैं।